सबके सहयोग और टीम भावना से व्यवस्थित रूप से काम करने की जरूरत
- तात्कालिक आवश्यकतानुसार कलेक्टर खरीद सकेंगे रेमडेसिविर और जीवन रक्षक दवाईयां
- ग्रामीण क्षेत्र में कोविड-19 के लक्षण वाले मरीजों को मितानिनों के माध्यम से वितरित किए जाएंगे आवश्यक दवाईयों के किट: स्वास्थ्य विभाग विशेषज्ञों के माध्यम से तैयार कराएगा दवाईयों का किट
- मुख्यमंत्री ने दी बालोद और मुंगेली में आरटीपीसीआर टेस्टिंग लैब की मंजूरी
- कोविड मरीजों के घरों में पोस्टर की जगह स्टेंसिल पेंट कर प्रदर्शित की जाएगी सूचना
- जिलों में पॉजिटिविटी रेट 5 प्रतिशत से नीचे लाने का किया जाए प्रयास
- ग्रामीण क्षेत्रों में क्वॉरेंटाईन सेंटर और आइसोलेशन सेंटर की अलग-अलग की जाए व्यवस्था
- रेल्वे स्टेशन, बस स्टैण्ड और अंतर्राज्यीय सीमाओं पर कड़ाई से की जाए टेस्टिंग
- मुख्यमंत्री ने राज्य के 11 जिलों में कोरोना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की
रायपुर (mediasaheb.com) मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने संवेदनशील पहल करते हुए कलेक्टरों को तात्कालिक आवश्यकतानुसार रेमडेसिविर और अन्य आवश्यक जीवन रक्षक दवाईयों की खरीदी की अनुमति प्रदान कर दी है। उन्होंने बालोद और मुंगेली में आरटीपीसीआर टेस्टिंग लैब की स्थापना की भी स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल बैठक में प्रदेश के 11 जिलों में कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति और उससे नियंत्रण के उपायों की समीक्षा के दौरान ये स्वीकृतियां प्रदान की। मुख्यमंत्री द्वारा कोरोना की वर्तमान स्थिति के मद्देनजर जिलों की लगातार समीक्षा की जा रही है। इसी कड़ी में आज उन्होंने महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, बालोद, कबीरधाम, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा- मरवाही, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिले की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने समीक्षा करते हुए कहा कि हमें बिना थके, बिना रूके कोरोना से लड़ाई जीतना है। सबके सहयोग और टीम भावना के साथ व्यवस्थित रूप से काम करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के लक्षण वाले मरीजों को जल्द से जल्द उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग विशेषज्ञों के माध्यम से आवश्यक दवाईयों का किट तैयार करे और मितानिनों के माध्यम से इस किट के वितरण करने की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कलेक्टरों ने अपने स्तर पर बेहतर व्यवस्था की है। इसमें सतत निगरानी रखी जाए और कोरोना पर शीघ्रता से नियंत्रण के लिए जिलों में पॉजिटिविटी रेट 5 प्रतिशत से नीचे लाने का हर संभव प्रयास हो। उन्होंने कहा कि कलेक्टर यह भी ध्यान रखें कि लॉकडाउन के दौरान आम जनता को कोई परेशानी न हो तथा अनावश्यक रूप से आवाजाही करने वालों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुरूप जरूरतमंदों को मनरेगा के माध्यम से रोजगार भी उपलब्ध कराया जाए। ) (the states. news)

