नई दिल्ली (mediasaheb.com)| जनता दल यूनाइटेड के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव का आज रात गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में निधन हो गया। वह 75 वर्ष के थे। उन्हें कुछ समय पहले गुरुग्राम के एक अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। शरद यादव की पुत्री सुभाषिनी ने सोशल मीडिया पोस्ट में अपने पिता के निधन की सूचना दी।
समाजवादी विचारधारा के शरद यादव मूलतः मध्य प्रदेश के रहने वाले थे तथा जबलपुर में छात्र राजनीति में सक्रिय हो कर बिहार गए और वहां से राष्ट्रीय फलक पर पहचान स्थापित की। वह 1989 में मंडल राजनीति का प्रमुख चेहरा बन कर उभरे। बाद में वह भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल हुए। वह प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय मंत्री और राजग के संयोजक भी रहे।
वह बिहार के मधेपुरा लोकसभा से चार बार सांसद बने। मध्यप्रदेश के जबलपुर से दो बार सांसद चुने गए। तथा उत्तर प्रदेश के बदायूं से भी एक बार लोकसभा के लिए चुने गए। छात्र जीवन से राजनीति में आए और उन्होंने बिहार में लालू प्रसाद यादव को 90 के दशक में मुख्यमंत्री बनाने में अहम भूमिका निभाई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पूर्व सांसद शरद यादव का निधन पर जताया शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे विलक्षण प्रतिभा वाले महान समाजवादी नेता थे। उन्होंने वंचितों–शोषितों के दर्द को दूर करने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनका निधन समाजवादी आंदोलन के लिए बड़ी क्षति है।(वार्ता)
Sunday, May 31
Breaking News
- सुशासन तिहार बना आजीविका संवर्धन का आधार, मत्स्य पालक भरत निषाद को मिली ₹1 लाख की सहायता
- 30 मई का राशिफल: आज किस राशि की चमकेगी किस्मत, जानिए अपना भविष्यफल
- निगम के 06 वार्डो में होंगे 01 करोड़ 08 लाख रू. के नये विकास कार्य
- रतलाम के डायल-112 हीरोज सड़क दुर्घटना में घायल 02 व्यक्तियों को त्वरित सहायता से पहुँचाया अस्पताल
- पूर्व राज्यसभा सांसद स्व. कैलाश नारायण सारंग की जयंती पर देशभर में मनाया जाएगा मातृ–पितृ भक्ति दिवस
- नीमच रिश्वत कांड पर भड़के दिग्विजय सिंह, कलेक्टर-एसपी से मांगा जवाब
- सहकारिता विभाग में सम्मान समारोह आयोजित, अधिकारियों-कर्मचारियों ने दी शुभकामनाएं
- छत्तीसगढ़ का स्मार्ट पंजीयन मॉडल बना सुशासन की नई पहचान
- क्या भगवान मंत्रियों का इंतजार करते हैं? VIP दर्शन व्यवस्था पर हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी
- एनएमडीसी ने वित्त वर्ष 26 में रचा इतिहास, उत्पादन और बिक्री ने बनाए नए रिकॉर्ड


