नई दिल्ली, (media saheb.com) उच्चतम न्यायालय ने सूचना प्रौद्योगिकी कानून की निरस्त की गई धारा 66ए के तहत प्राथमिकियां दर्ज किए जाने को लेकर आश्चर्य व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से सोमवार को जवाब तलब किया।
शीर्ष अदालत ने श्रेया सिंघल मामले में फैसला सुनाते हुए संबंधित कानून की धारा 66ए को 2015 में ही निरस्त कर दिया था। इसके बावजूद इस धारा के तहत प्राथमिकियां दर्ज की जा रही हैं।
न्यायमूर्ति आर एफ रोहिंगटन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने पीपल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (PUCL) की याचिका की सुनवाई के दौरान केन्द्र सरकार को नोटिस जारी करके जवाब मांगा।
न्यायालय ने उक्त कानून की निरस्त धारा के तहत पुलिस द्वारा प्राथमिकियां दर्ज किए जाने पर आश्चर्य व्यक्त किया। न्यायमूर्ति नरीमन ने कहा, “आश्चर्य है। श्रेया सिंघल मामले में शीर्ष अदालत ने 2015 में फैसला दे दिया था। जो हो रहा है वह खतरनाक है।”
सुनवाई जैसे ही शुरू हुई,
पीयूसीएल की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता संजय पारिख ने दलील दी कि सम्बन्धित प्रावधान के निरस्त किए जाने के बाद भी देश भर में हजारों की संख्या में प्राथमिकियां दर्ज की जा रही हैं।
न्यायालय ने केन्द्र सरकार को नोटिस जारी करके दो सप्ताह में जवाबी हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया।(वार्ता)
(the states. news)
Tuesday, July 7
Breaking News
- रायपुर के उरला में 3डी फैक्ट्री में सिलेंडर ब्लास्ट, कई मजदूर घायल
- सीतामढ़ी ग्रीनफील्ड टाउनशिप क्षेत्र में जमीन खरीद-बिक्री और निर्माण पर रोक
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से अलंकृत किए जाने पर दी बधाई
- UP Startup Policy 2026: योगी सरकार ने मंजूर किया 1000 करोड़ का स्टार्टअप फंड
- पद्म विभूषण स्व. तीजन बाई को 8 जुलाई को मुक्ताकाशी मंच से छत्तीसगढ़ के लोक कलाकार देंगे श्रद्धांजलि
- राज्य सरकार के नीतिगत सुधारों एवं नवाचारों से राजस्व प्रशासन में आया सकारात्मक बदलाव : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
- नवनियुक्त इंजीनियरों को आधुनिक तकनीकों और पॉवर प्लांट निर्माण का मिला प्रशिक्षण
- ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, डेटा सेंटर एवं सेमी कंडक्टर क्षेत्र में निवेश पर होगा मंथन
- ज्ञानवापी केस से जुड़े जज रवि कुमार दिवाकर चर्चा में, 3 महीने में 13 दोषियों को सुनाई फांसी की सजा
- यूपी में ऑर्गेनिक खेती से बदलेगी किसानों की तस्वीर, युवाओं के लिए खुलेंगे एग्री-बिजनेस के नए रास्ते


