पटना, (mediasaheb.com) मकर संक्रांति के दिन उमंग, उत्साह और मस्ती का प्रतीक पतंग उड़ाने की लंबे समय से चली आ
रही परंपरा मौजूदा दौर में काफी बदलाव के बाद भी बरकरार है।
आधुनिक जीवन की भाग-दौड़ में भले ही लोगों में पतंगबाजी का
शौक कम हो गया है लेकिन मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ाने की परंपरा आज भी बरकारार
है। इसी परंपरा की वजह से मकर संक्रांति को पतंग पर्व भी कहा जाता है। मकर
संक्रांति पर पतंग उड़ाने का वर्णन रामचरित मानस के बालकांड में मिलता है।
तुलसीदास ने इसका वर्णन करते हुए लिखा है कि ‘राम इन
दिन चंग उड़ाई, इंद्रलोक में पहुंची जाई।’ मान्यता है कि मकर संक्रांति पर जब भगवान राम ने पतंग उड़ाई
थी, जो इंद्रलोक पहुंच गई थी। उस समय से लेकर
आज तक पतंग उड़ाने की परंपरा चली आ रही है।
वर्षों पुरानी यह परंपरा वर्तमान समय में भी बरकरार है। आकाश
में रंग-बिरंगी अठखेलियां करती पतंग को देख हर किसी का मन पतंग उड़ाने के लिए
लालायित हो उठता है। प्रत्येक वर्ष 14 जनवरी को
मकर संक्रांति के दिन लोग चूड़ा-दही खाने के बाद मकानों की छतों तथा खुले मैदानों
की ओर दौड़े चले जाते हैं तथा पतंग उड़ाकर दिन का मजा लेते हैं।
मकर संक्रांति के दिन पतंगबाजी करते लोगों का उत्साह देखकर
ऐसा प्रतीत होता है कि आज मकर राशि (मकर रेखा पर) में प्रवेश कर चुके सूर्य को
पतंग की डोर के सहारे उत्तरी गोलार्द्ध (कर्क रेखा) की ओर खींचने का प्रयास कर रहे
हों। ताकि, उत्तर के लोग भी ऊर्जा के स्राेत सूर्य
की कृपा से धन-धान्य से परिपूर्ण हो सकें।(वार्ता)
Tuesday, June 23
Breaking News
- महिला आयोग की जनसुनवाई में सामने आए एआई के दुरुपयोग के गंभीर मामले
- मुख्यमंत्री डॉ. यादव आदिरंग शिल्पकार महोत्सव 2026 के समापन समारोह में मंगलवार को होंगे शामिल
- महासमुंद के बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में हीरों की प्राप्ति से छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगा नया आयाम
- मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए हर जिले में विकसित की जाए एक हैचरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
- लखनऊ अग्निकांड: ‘मौत का कॉम्प्लेक्स’ बना हादसे की वजह, AC-एग्जॉस्ट और लापरवाही ने ली 15 जानें
- LPG और पेट्रोल-डीजल की चिंता खत्म! भारत ने चुपचाप अगस्त तक का तेल कोटा किया फुल
- नौसेना को अगले महीने मिलेगी बड़ी ताकत, पनडुब्बी किलर समेत दो वॉरशिप होंगे शामिल
- पुरी रथयात्रा 2026: रथ निर्माण कार्य ने पकड़ी रफ्तार, मूर्तिकारों की अद्भुत कलाकारी ने मोहा मन
- भोपाल जंक्शन का बदलेगा हुलिया! 350 करोड़ से बनेगा मंदिर जैसा भव्य स्टेशन, रेलवे बोर्ड को भेजा प्रस्ताव
- MP में भाजपा मनाएगी ‘बूथ गौरव दिवस’, धारा 370 और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पर होंगे विशेष व्याख्यान


