मुंबई (mediasaheb.com) भारतीय एनीमेशन उद्योग के जनक के रूप में जाने जाने वाले राम मोहन का गुरुवार को निधन हो गया। वह 88 वर्ष के थे। वह मुम्बई की एक एनीमेशन कंपनी ग्रेफिटी मल्टीमीडिया में चेयरमैन और मुख्य रचनात्मक अधिकारी थे, जो 1995 में स्थापित किया गया था। बाद में उन्होंने 2006 में ग्राफिटी स्कूल ऑफ एनिमेशन की स्थापना की थी। राम मोहन को दो बार बेस्ट नॉन-फीचर एनिमेशन फिल्म ‘यू सेड इट’ (1972) और ‘फायर गेम्स‘ (1983) के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। उन्हें 2006 के मुंबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया गया था और 2014 में भारत सरकार की ओर से पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। मोहन ने अपने करियर की शुरुआत 1956 में भारत सरकार के फिल्म्स डिविजन ऑफ इंडिया की कार्टून फिल्म्स यूनिट से की थी। 1968 में उन्होंने फिल्म्स डिवीजन छोड़ दिया और प्रसाद प्रोडक्शंस में एनीमेशन डिवीजन के प्रमुख के रूप में शामिल हुए। उसके बाद 1972 में उन्होंने प्रोडक्शन कंपनी राम मोहन बायोग्राफिक्स की स्थापना की, जो विज्ञापनों में काम करती थी। राम मोहन ने जापानी फिल्म निर्माता युगो साको के साथ मिलकर 1992 में एनिमेटेड फीचर ‘रामायण: द लीजेंड ऑफ प्रिंस राम‘ को निर्देशित किया था। राम मोहन ने बीआर चोपड़ा की पति, पत्नी और वो (1978), सत्यजीत रे की शतरंज के खिलाड़ी, मृणाल सेन की भुवन शोम, बीवी ओ बीवी, दो और दो पांच और कामचोर जैसे कई फिल्मों के लिए दृश्यों के एनिमेशन का काम किया था। (हि स )
Monday, June 29
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