पंचायतों में होंगी बैठकें, मवेशियों को खुले में नहीं छोड़ने का लिया जाएगा संकल्प
मुंबई (mediasaheb.com) खरीफ की फसल को मवेशियों से बचाने के लिए छत्तीसगढ़ के गांव में रोका छेका की तैयारी बड़े पैमाने पर की जा रही है। अपने गांव को खुले में चराई से मुक्त बनाने के लिए हर ग्रामीण और किसान उत्साह से तैयारी में लगे हुए हैं। रोका छेका छत्तीसगढ़ #Chhattisgarh की परंपरा रही है। राज्य में नई सरकार के गठन के बाद खेती-किसानी के परंपरागत स्वरूप को आधुनिक नवाचारों से जोड़ते हुए गांवों में नरूवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी योजना के माध्यम से सामूहिक गौठान बनाए गए हैं।
इससे रोकाछेका की रस्म और भी प्रासंगिक हो जाती है। गांवों में रोका छेका के आयोजन के दौरान गौठानों में पशुचिकित्सा तथा पशुस्वास्थ्य शिविर का आयोजन होगा। पशुपालन एवं मछलीपालन हेतु किसान क्रेडिट कार्ड बनाने शिविर लगाए जाएंगे। खेती-किसानी से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी देकर किसानों को उनसे जोड़ा जाएगा। गौठानों में पैरा संग्रहण और भंडारण हेतु मुहिम भी छेड़ी जाएगी।

