बिलासपुर (mediasaheb.com) छत्तीसगढ़
उच्च न्यायलय ने पिछले महीने पूर्व पहले मरवाही सदन में नौकर की आत्महत्या के
मामले में स्वयं पर दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री
अजीत जोगी एवं उनके पुत्र अमित जोगी द्वारा दायर याचिका खारिज कर दिया है।
उच्च
न्यायालय के न्यायमूर्ति आरपी शर्मा की एकल पीठ ने आज यह निर्णय सुनाया,इससे जोगी पिता पुत्र को झटका लगा है। गत 15 जनवरी को बिलासपुर स्थित अजीत जोगी के सरकारी बंगले मरवाही
सदन में उनके रसोईये कोनी थाना क्षेत्र के रमतला निवासी संतोष कौशिक उर्फ मनवा ने
आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद उनके भाई कृष्ण कुमार कौशिक व अन्य परिजनों ने
सिविल लाइन पुलिस के समक्ष दिये गये बयान में कहा था कि अजीत जोगी, अमित जोगी और बंगले में मौजूद स्टाफ द्वारा मृतक पर चोरी का
आरोप लगाकर प्रताड़ित किया जा रहा था। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने जोगी पिता
पुत्र के खिलाफ मृतक संतोष कौशिक को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में अपराध
दर्ज कर लिया था।(वार्ता)
Monday, August 17
Breaking News
- महाराष्ट्र में भूकंप के झुंड से बढ़ी चिंता, 15 दिनों में 29 झटके; नासिक में सबसे तेज 4.3 तीव्रता
- कंप्यूटर ऑपरेटर सौरभ विश्वकर्मा हत्याकांड, योगी सरकार की सख्त कार्रवाई, तीन अभियुक्त भेजे गए जेल
- लखनऊ की कावा UAV ने रचा इतिहास, स्वदेशी ‘दिव्यास्त्र Mk3’ की पहली सफल उड़ान
- सचिन, शाहरुख और माधुरी के निवेश वाली कंपनी का आएगा IPO, ₹660 करोड़ जुटाने की तैयारी
- महिलाओं की सुरक्षा के लिए लगाए इमरजेंसी बटन बेकार! कई राज्यों में अलर्ट सेंटर ही नहीं
- केसरिया बौद्ध स्तूप में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार, 20 करोड़ से बनेगा पर्यटक केंद्र
- तालिबान रक्षा मंत्री की पाकिस्तान को सख्त चेतावनी, हमले पर मिलेगा मजबूती से जवाब
- भोपालवासियों के लिए राहत की खबर, इसी सप्ताह 10 और ई-बसें उतरेंगी सड़कों पर; हर 10-15 मिनट में मिलेगी बस
- पूर्वी चंपारण में जैविक खेती को बढ़ावा, छह प्रखंडों में बनेंगे 75 किसान समूह
- एलपीजी संकट से निपटने के लिए मोदी सरकार का बड़ा फैसला, कंपनियों को मिला उत्पादन लक्ष्य


