नई दिल्ली,( mediasaheb.com) कोरोना वायरस #Corona virus के प्रसार को रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन और नियंत्रण उपाय बहुत कारगर साबित हो रहे हैं और यदि ये प्रयास न किये गये होते 15 अप्रैल तक यहां संक्रमितों की संख्या आठ लाख दो हजार तक पहुंच जाती।
इस वैश्विक महामारी से शनिवार तक पूरे देश में 242 लोगों की मौत हो गयी है और अब तक 7529 लोग संक्रमित हुए हैं।
इस बीच कोराना वायरस महामारी के खिलाफ संघर्ष में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अप्रैल तक के देशव्यापी पूर्णबंदी को बढ़ाये जाने के संकेत देते हुए आज कहा कि कोरोना विषाणु के संक्रमण का खतरा कम नहीं हुआ है और सरकार के कदमों के प्रभाव के आकलन के लिए आगामी तीन से चार सप्ताह का समय बहुत महत्वपूर्ण है।
श्री मोदी ने कोरोना महामारी से उत्पन्न स्थिति और इससे निपटने केे लिए आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श के लिए यहां सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बैठक की थी। इससे पहले 20 मार्च और दो अप्रैल को भी प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों के साथ इसी विषय पर वीडियो कांफ्रेन्स के जरिये संवाद किया था।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बैठक में पश्चिम बंगाल, दिल्ली और महाराष्ट्र सहित ज्यादातर राज्यों ने प्रधानमंत्री से देशभर में 14 अप्रैल तक जारी पूर्णबंदी की 21 दिन की अवधि को दो सप्ताह तक और बढ़ाने का अनुरोध किया है। केन्द्र सरकार राज्यों के इस अनुरोध पर विचार कर रही है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में पूर्ण बंदी को 30 अप्रैल तक बढ़ाने का आज एलान किया।
स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 25 मार्च से पहले के और 25 मार्च को लॉकडाउन और नियंत्रण उपाय किये जाने के बाद से अब तक के आंकड़ों से संबंधित एक विश्लेषण के आधार पर कहा जा सकता है कि यदि पूर्ण बंदी एवं कोरोना वायरस को लेकर अन्य प्रयास न किये जाते तो संक्रमितों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ती और 15 अप्रैल तक यह आंकड़ा आठ लाख दो हजार तक पहुंच जाता। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विश्लेषण भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद का कोई अध्ययन नहीं है। इसे एक सांख्किीय विश्लेषण कहा जा सकता है।
प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में आज अधिकार प्राप्त अधिकारियों के समूह की बैठक में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए विचार-विमर्श किया गया।
महाराष्ट्र आज भी कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित राज्य बना रहा। वहां अब तक 1574 लोग इस जानलेवा वायरस से संक्रमित हो चुके हैं और 110 लोग इसकी चपेट में आकर अपनी जान गवां चुके हैं। दिल्ली में 903 लोग इससे प्रभावित हुए हैं और 14 लोगों की मौत हो गयी है। तमिलनाडु में 913 लोग संक्रमित हुए हैं और आठ लोगों की मौत हो चुकी है। राजस्थान में 553 लोग इससे संक्रमित हुए हैं और तीन लोगों की जान गयी हैं। सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में 433 लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं और चार लोगों की मौत हुई है।
देश में इस समय कोरोना से पीड़ित 6634 लोगों का इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 653 संक्रमित लोग अब तक स्वस्थ हाे गये हैं और उन्हें घर भेज दिया गया है। (वार्ता)
Wednesday, August 19
Breaking News
- CG में बोर्ड परीक्षा के बेहतर रिजल्ट वाले 4 स्कूलों में बनेंगे मैथ्स पार्क, बच्चों को मिलेगा नया लर्निंग स्पेस
- हॉर्मुज पर ईरान की पकड़ कमजोर? 80% जहाजों ने अपनाया ओमान वाला समुद्री रास्ता
- राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला, RGHS में शामिल हुई कैंसर की महंगी CAR-T Cell Therapy
- तमिलनाडु में विजय सरकार का यू-टर्न, छात्रों को राजनीतिक प्रदर्शनों से रोकने वाला आदेश वापस
- विधायक मूणत की कांवड़ यात्रा 23 अगस्त को, CM साय और डॉ. रमन सिंह होंगे शामिल
- सितंबर में बनेंगे 3 बड़े राजयोग, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत
- Realme P4s 5G की लॉन्च डेट कन्फर्म, 8000mAh बैटरी समेत मिलेंगे धांसू फीचर्स
- फैमिली कोर्ट के बाहर दिखीं सुनीता आहूजा, बेटे यश ने संभाला; तलाक की अटकलें तेज
- पीयूष गोयल को BJP का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाने के बाद उठे सवाल, क्या मोदी कैबिनेट में होगा फेरबदल?
- Ladli Behna Yojana: आज जारी होगी 39वीं किस्त, महिलाओं के खाते में आएंगे ₹1750

