दुर्ग, (mediasaheb.com) कोरोना काल के चलते राज्य के किसानों से उपार्जित कर संग्रहण केंद्र में रखे गए धान का भी उठाव नहीं हो पाने से लगभग 600 करोड़ रुपए से भी अधिक का लगभग 24 लाख मैट्रिक टन धान पड़ा हुआ है जो बीते वर्ष की तुलना में लगभग 3 गुना है| बारिश ने भी राज्य में दस्तक देदी है|
गत दिनों तेज अंधी-तूफान के साथ हुई बारिश के दौरान छ.ग. में अनेक स्थानों पर संग्रहण केंद्रों में धानके बोरों केस्टेग कोढंक कर रखा गया केप कवर उड़ गए, बारिश में धान भीगते रहे|
सब कुछ ठीक-ठाक रहा तब भी प्रदेश के संग्रहण केंद्रों में रखे गए पूरे धान के उठाव में 3 से 4 माह का समय लग सकता है| ऐसी स्थिति में इस बार बारिश में खुले में पड़े सैकड़ों करोड़ के धान के नुकसान होने का खतरा दिख रहा है| राज्य के विभिन्न जिलों के संग्रहण केंद्रं में इस समय लगभग 24 लाख 19 हजार 60 मीट्रिक टन धान रखा हुआ है |

