भाजपा को स्पष्ट बहुमत, फिर चली मोदी की सुनामी बह गया विपक्ष
नई दिल्ली, (mediasaheb.com) 17वीं लोकसभा के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सर्वमान्य नेता और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुनामी में विपक्ष धराशायी हो गया। गुरुवार शाम मतगणना के आखिरी दौर में देश के संसदीय इतिहास में भाजपा ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 300 सीटों का आंकड़ा छू लिया। इस चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू सिर चढ़कर बोला।
भाजपा और उसके सहयोगी दल 347 सीटें जीतकर ‘अबकी बार 300 पार’ के नारे से आगे निकल गए हैं। भाजपा को अकेले सरकार बनाने का स्पष्ट जनादेश प्राप्त हो गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत भाजपा के अधिकांश नेता भारी मतों के अंतर से चुनाव जीत चुके हैं। हालांकि अंतिम मतगणना परिणाम की निर्वाचन आयोग द्वारा आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह गांधी नगर का लोकसभा में प्रतिनिधित्व करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अमेठी में अपनी पराजय स्वीकार करते हुए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को नतीजा घोषित होने के पहले ही जीत की बधाई दे दी है। उन्होंने भाजपा की जीत के लिए प्रधानमंत्री को बधाई दी है। केंद्र में सरकार बनाने के लिए 272 सीटों की जरूरत है। भाजपा और सहयोगी दल इस आंकड़े से बहुत आगे निकल चुके हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगियों को 86 और अन्य के खाते में 108 सीट जाने के आसार हैं। पिछले चुनाव में एनडीए को 336 सीटें प्राप्त हुई थीं।
सारे देश में भाजपा कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भाजपा मुख्यालय पहुंचकर कार्यकर्ताओं को बधाई दी है। कुछ देर बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी वहां पहुंचने वाले हैं। प्रधानमंत्री देश को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री ने अपनी मंत्रिपरिषद की बैठक भी बुलाई है। दुनिया के प्रमुख राष्ट्राध्यक्षों ने प्रधानमंत्री को जीत की बधाई दी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट में कहा है-‘ सबका साथ + सबका विकास + सबका विश्वास = विजयी भारत। हम साथ में बढ़ते हैं। हम साथ में समृद्ध होते हैं। हम मिलकर एक मजबूत और समावेशी भारत का निर्माण करेंगे। भारत फिर से जीता!’ उन्होंने दूसरे ट्वीट में कहा-‘थैंक यू इंडिया! हमारे गठबंधन में विश्वास कायम है और ये हमें लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए और भी अधिक मेहनत करने की शक्ति देता है। मैं दृढ़ निश्चय, दृढ़ता और कड़ी मेहनत के लिए हर भाजपा कार्यकारिणी को सलाम करता हूं। वे हमारे विकास के एजेंडे पर विस्तार से घर-घर गए।’ इससे पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इस जीत पर ट्वीट किए । उन्होंने एक ट्वीट में कहा- ‘फिर एक बार मोदी सरकार- थैंक्यू इंडिया।’ उन्होंने लिखा, ‘ यह जीत पूरे भारत की जीत है। देश के युवा, गरीब, किसान की आशाओं की जीत है। यह भव्य विजय प्रधानमंत्री मोदी जी की 5 साल के विकास और मजबूत नेतृत्व में जनता के विश्वास की जीत है। मैं भाजपा के करोड़ों कार्यकर्ताओं की ओर से श्री नरेंद्र मोदी जी को हार्दिक बधाई देता हूं।’
लोकसभा के साथ हुए चार राज्यों के विधानसभा चुनाव में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की तेलगू देशम पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया। इसी के साथ विपक्षी एकता के सूत्रधार और केंद्र में गैरभाजपा सरकार का सपना देखने वाले नायडू फिलहाल राजनीतिक नाट्य मंच के नेपथ्य में चले गए।
वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चार लाख 75 हजार 754 वोटों से चुनाव जीत गए हैं। उन्होंने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा की शालिनी यादव को शिकस्त दी। गुजरात के गांधी नगर से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को आठ लाख 89 हजार 37 वोट मिले हैं। लखनऊ से भाजपा के उम्मीदवार केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को छह लाख 27 हजार 881 मत हासिल हुए हैं। उन्होंने सपा की पूनम सिन्हा को हराया। गाजियाबाद से केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री जनरल (रिटायर्ड) वीके सिंह को नौ लाख 39 हजार 964 मत मिले। उन्होंने सपा के सुरेश बंसल परास्त किया। रायबरेली से यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के दिनेश प्रताप सिंह को शिकस्त दी। सोनिया गांधी को पांच लाख 32 हजार 554 वोट मिले। अमेठी से भाजपा की स्मृति ईरानी को तीन लाख 15 हजार 58 मत हासिल हुए हैं। उनका मुकाबला कांगेस अध्यक्ष राहुल गांधी से हुआ। हालांकि केरल की वायनाड सीट राहुल गांधी को राजनीतिक संजीवनी दे गई है। यहां उन्हें सात लाख चार हजार 38 मत मिले हैं।
सबसे बड़ा झटका पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को लगा है। यहां भारतीय जनता पार्टी 42 लोकसभा सीट में से 18 पर आगे चल रही है, वहीं भाजपा के बाबुल सुप्रीयो ने आसनसोल लोकसभा सीट से जीत दर्ज कर ली है। पिछले लोकसभा में भाजपा पश्चिम बंगाल से मात्र दो सीट जीत पायी थी।
पंजाब के गुरदासपुर से सिने स्टार और भाजपा उम्मीदवार सनी देओल चुनाव जीत गए हैं। दिल्ली की सभी सातों सीटों पर भाजपा ने परचम फहराया है। बिहार की बहुचर्चित बेगूसराय सीट से केंद्रीय मंत्री भाजपा उम्मीदवार गिरिराज सिंह ने सीपीआई के कन्हैया कुमार को पराजित कर राजनीतिक टीकाकारों की संभावनाओं को खारिज कर दिया।
मध्य प्रदेश की गुना सीट से ज्योतिरादित्य सिंधिया की हार अब तय मानी जा रही है। वह भारी मतों से पिछड़ गए हैं। भोपाल में भाजपा की साध्वी प्रज्ञा ठाकुर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर भारी पड़ीं। दिग्विजय सिंह ने हार स्वीकार करते हुए उन्हें जीत की बधाई दी है। साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को आठ लाख 12 हजार 425 वोट मिले हैं। गोरखपुर में भाजपा के रविकिशन भी चुनाव जीत चुके हैं। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के लोकसभा पहुंचने का मार्ग प्रशस्त नहीं हो सका। कर्नाटक की तुमकुर सीट के मतदाताओं ने उन पर भरोसा नहीं जताया।
पटना साहिब सीट पर तमाम कयासों को धता बताते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीयमंत्री रविशंकर प्रसाद ने अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के शत्रुघ्न सिन्हा की बोलती बंद कर दी। उन्हें पांच लाख अस्सी हजार 178 वोट मिले हैं। चंडीगढ़ से भाजपा की किरण खेर ने पूर्व रेलमंत्री कांग्रेस के पवन बंसल की गाड़ी को सिटी ब्यूटीफुल से आगे नहीं बढ़ने दिया।
लोकसभा चुनाव के साथ हुए चार राज्यों के विधानसभा चुनाव में आंध्र प्रदेश की जनता ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस को बहुमत मिल गया है। जगनमोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआर कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन किया है। 2014 में चंद्रबाबू नायडू की तेदेपा को बहुमत मिला था। राज्य में बहुमत के लिए 175 सीटों में से 88 सीटें चाहिए।
ओडिशा में मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल के नेता नवीन पटनायक लगातार पांचवीं बार सरकार बनाएंगे। इससे पहले उन्होंने 2000, 2004, 2009 और 2014 में सरकार बनाई थी। बीजद को बहुमत मिल गया है। राज्य में सरकार बनाने के लिए 74 सीटें (कुल 147) चाहिए। अरुणाचल प्रदेश में भाजपा और सिक्किम में पवन कुमार चामलिंग की पार्टी एसडीएफ को नुकसान हुआ है। पवन पिछले 25 साल से सत्ता में हैं।(हि.स.)।


