परसा कोल खदान खोलने के लिए ग्रामीणों का मोर्चा जारी, एन जी ओ वापस जाओ के लगाए नारे

Villagers' front continues to open Parsa coal mine, slogans of NGO go back

उदयपुर (mediasaheb.com) : परसा कोल ब्लाक को खोलने के लिए ग्रामीणों का मोर्चा सतत जारी है। आज सरगुजा जिले के उदयपुर ब्लॉक में स्थापित परसा कोल ब्लाक के सैकड़ो ग्रामीणों ने रैली निकालकर खदान जल्द से जल्द खोलने के लिए जमकर हंगामा किया। परसा कोल ब्लाक के अंतर्गत आने वाले ग्राम जनार्दनपुर, फत्तेपुर, साल्हि इत्यादि के 100 से अधिक ग्रामीणों ने आज साल्हि मोड़ पर परसा खदान के समर्थन में रैली निकालकर स्थानीय प्रशासन के सामने अपनी बात रखी।ग्रामीणों के द्वारा जारी एक वीडियो में सभी ने खदान का विरोध कर रहे एन जी ओ और इसके लोगों के खिलाफ जमकर नारे बाजी की। पोस्टरों के माध्यम से सभी ने सन्देश में लिखा कि ” गांव के विकास के लिए यह हमने ठाना है,बाहरी लोगों के बहकावे से ग्रामीणों को बचाना है, परसा खदान चालू कराना है।” जबकि बैनर से यह बताया कि ” स्वागत है राजस्थान निगम का और परसा परियोजना का। बहिष्कार है पेशेवर विरोधियों का और उनके झठे दावों का। सूत्रों ने यह भी बताया कि ग्रामीणों इस आंदोलन को खदान शुरू होने तक जारी रखा जायेगा साथ ही जल्द सुनवाई नहीं होने आंदोलन उग्र कर चक्का जाम की भी स्थिति निर्मित की जा सकती है।

उल्लेखनीय है कि सरगुजा जिले में राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (आरआरवीयूएनएल) की ताप विद्युत परियोजनाओं के लिए तीन कोल ब्लॉक परसा ईस्ट केते बासेन (पीईकेबी), परसा और केते एक्सटेंशन केंद्र सरकार द्वारा कई साल पहले आवंटित किए गए थे। परसा खदान के लिए राजस्थान सरकार को सभी जरूरी अनुमति मिल गयी है। इसके संचालन के लिए होने वाले प्राथमिक प्रक्रिया का कुछ बाहरी लोगों द्वारा विरोध किया जा रहा है। अभी हाली में इन्हीं लोगों द्वारा माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा परसा कोल परियोजना के विरूद्ध लगायी गयी सभी पांच याचिकायों को खारिज कर दिया गया है । जबकि छत्तीसगढ़ देश का सबसे बड़ा कोयला उत्पादन करने वाला राज्य है। इससे राज्य को करोड़ों रुपयों का राजस्व तो प्राप्त होता ही है। साथ ही हजारों स्थानिकों को नौकरी और रोजगार भी मुहैया होती है।