कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में करियर के लिए MIT-ADT विश्वविद्यालय की नई पहल
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डेटा साइंस कार्यक्रमों में प्रवेश शुरू; उद्योगोन्मुख शिक्षा पर विशेष जोर
पुणे (mediasaheb.com)| MIT आर्ट, डिज़ाइन एंड टेक्नोलॉजी विश्वविद्यालय (MIT-ADT) ने अपने नए स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (SOAI) की स्थापना की घोषणा की है। विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्टता की यात्रा में इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इस स्कूल का उद्देश्य ऐसे नैतिक, रचनात्मक और तकनीकी रूप से दक्ष आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विशेषज्ञ तैयार करना है, जो उद्योग और समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें।
स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अंतर्गत चार वर्षीय बी.टेक. (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग) तथा बी.टेक. (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डेटा साइंस) कार्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं। कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग की मजबूत नींव पर आधारित इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विभिन्न विशेष क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। डीप लर्निंग, कंप्यूटर विज़न, नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, जनरेटिव एआई, डेटा एनालिटिक्स तथा इंटेलिजेंट सिस्टम्स डिज़ाइन जैसे अत्याधुनिक विषयों का गहन अध्ययन कराया जाएगा।
MIT-ADT विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित पत्रकार परिषद में कुलपति प्रो. डॉ. राजेश एस., प्र-कुलपति डॉ. रामचंद्र पुजेरी तथा अधिष्ठाता डॉ. गणेश पाठक ने इस संबंध में जानकारी दी।
इस अवसर पर प्रो. डॉ. राजेश एस. ने कहा, “इस स्कूल की सबसे बड़ी विशेषता इसकी एआई-केंद्रित शिक्षण पद्धति है। पहले ही सेमेस्टर से विद्यार्थियों को उद्योगों की वास्तविक समस्याओं पर आधारित परियोजनाओं, वास्तविक डेटा सेट्स तथा आधुनिक एआई टूल्स के साथ कार्य करने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा ‘एआई प्रैक्टिस स्कूल’ मॉडल के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्योगों में दीर्घकालिक इमर्शन कार्यक्रमों के तहत वास्तविक एआई परियोजनाओं पर काम करने का व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान किया जाएगा।”
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के अनुरूप तैयार किए गए इस पाठ्यक्रम में हेल्थकेयर, फिनटेक, एग्रीटेक, जनरेटिव एआई तथा एजेंटिक एआई जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशेष अध्ययन की सुविधा उपलब्ध होगी। क्लाउड कंप्यूटिंग, ब्लॉकचेन, क्वांटम कंप्यूटिंग और ह्यूमन-कंप्यूटर इंटरैक्शन जैसे बहुविषयक विषय विद्यार्थियों के ज्ञान को और अधिक व्यापक बनाएंगे।
उद्योग जगत से मजबूत जुड़ाव SOAI मॉडल की एक अन्य प्रमुख विशेषता है। विश्वविद्यालय ने अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ साझेदारी कर उद्योग विशेषज्ञों द्वारा सह-शिक्षण, AWS Academy, Coursera और edX जैसे वैश्विक प्लेटफॉर्म्स के साथ संयुक्त प्रमाणपत्र कार्यक्रम तथा उद्योग-प्रायोजित कैपस्टोन परियोजनाएं शुरू करने की योजना बनाई है। प्रत्येक विद्यार्थी को एक शैक्षणिक मार्गदर्शक के साथ-साथ एक उद्योग मार्गदर्शक का भी सहयोग मिलेगा, जिससे शिक्षा और व्यावसायिक अनुभव के बीच की दूरी कम की जा सकेगी।
लोणी कालभोर स्थित MIT-ADT विश्वविद्यालय के विशाल एवं अत्याधुनिक परिसर में यह स्कूल संचालित होगा। लगभग 15 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में विकसित इस परिसर में अत्याधुनिक एआई प्रयोगशालाएं, आईसीटी-सक्षम स्मार्ट कक्षाएं, GPU और TPU आधारित कंप्यूटिंग सुविधाएं, अनुसंधान केंद्र तथा इनक्यूबेशन स्पेसेस उपलब्ध होंगे।
जिम्मेदार नेतृत्व करने वाले विद्यार्थी तैयार होंगे – डॉ. पुजेरी
प्र-कुलपति डॉ. रामचंद्र पुजेरी ने कहा, “SOAI में नैतिकता तथा समाजोपयोगी एआई अनुसंधान को विशेष महत्व दिया गया है। एक्सप्लेनेबल एआई, एआई गवर्नेंस, फेयरनेस-अवेयर मॉडलिंग और डेटा प्राइवेसी जैसे विषय पाठ्यक्रम का अभिन्न हिस्सा होंगे। हमारा उद्देश्य केवल सक्षम एआई सिस्टम विकसित करने वाले नहीं, बल्कि उनके सामाजिक प्रभावों को समझते हुए जिम्मेदारीपूर्वक नेतृत्व करने वाले विद्यार्थियों का निर्माण करना है।”


