भोपाल
भोपाल के बहुचर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में जांच एजेंसी की कार्रवाई के बाद न्यायिक प्रक्रिया अगले चरण में पहुंच गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भोपाल जिला अदालत के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शोभना भलावे की अदालत में में 636 पन्नों का चालान पेश कर दिया है। मामले में रिटायर्ड जिला न्यायाधीश गिरीबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को आरोपी बनाया गया है।
चालान में दर्ज तथ्यों और जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेजों व साक्ष्यों का अदालत अध्ययन कर रही है। वहीं, दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने भी चालान की प्रतियां और उसमें शामिल साक्ष्यों का परीक्षण शुरू कर दिया है। अब इन्हीं तथ्यों के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया तय होगी।
12 मई को फंदे पर मिली थी त्विषा की लाश
मामले की शुरुआत 12 मई को हुई थी, जब त्विषा शर्मा की लाश फंदे पर मिली थी। घटना के बाद मौत की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठे और पुलिस ने जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर मामला आगे बढ़ा। बाद में जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को मिली। सीबीआई ने मामले से जुड़े लोगों के बयान दर्ज करने के साथ दस्तावेजी और अन्य साक्ष्य जुटाए और उनकी कड़ियों को जोड़ते हुए जांच आगे बढ़ाई।
चालान के अध्ययन के बाद आगे बढ़ेगी न्यायिक प्रक्रिया
चालान पेश होने के बाद अब दोनों पक्षों की नजर इसमें शामिल दस्तावेजों और साक्ष्यों के अध्ययन पर है। अधिवक्ता उपलब्ध तथ्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत में अपनी दलीलें रखेंगे। इसके आधार पर मामले में आगे की सुनवाई और न्यायिक प्रक्रिया निर्धारित होगी।
रिटायर्ड जज और बेटे को बनाया आरोपी
जांच पूरी करने के बाद सीबीआई ने अब अदालत में चालान पेश किया है। इसमें पूर्व जिला न्यायाधीश गिरीबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को आरोपी बनाया गया है। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 80(2), 85 और 108 के साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 की धारा 3 और 4 के तहत आरोप लगाए गए हैं। इन धाराओं के तहत दहेज से जुड़े अपराध, महिला के साथ क्रूरता और आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित आरोपों की न्यायिक जांच होगी।
डेटिंग एप के जरिए हुई थी मुलाकात
भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में 12 मई को 33 साल की टि्वशा शर्मा की संदिग्ध मौत हो गई थी। टि्वशा पूर्व मिस पुणे, मॉडल और एक्ट्रेस भी रह चुकी हैं।साथ ही सोशल मीडिया पर कंटेंट क्रिएटर भी थी। ट्विशा के परिवार ने टि्वशा के वकील पति समर्थ सिंह और सास रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह पर दहेज उत्पीड़न, मानसिक क्रूरता और शारीरिक शोषण के आरोप लगाए थे। बताया जाता है कि नोएडा निवासी टि्वशा शर्मा की पहली मुलाकात 2024 में डेटिंग एप के जरिए भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी। दोनों ने दिसंबर 2025 को विवाह कर लिया था।
इस मामले में पहले तो सब ठीक था, लेकिन यह मामला उस दिन चर्चाओं में आया जब 12 मई की रात को टि्वशा की सास और पति समर्थ सिंह टि्वशा को लेकर एम्स पहुंचे। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। कटारा हिल्स पुलिस के मुताबिक टि्वशा के परिवार ने उसके ससुराल वालों पर कई आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि मंगलवार रात 10 बजे फोन कर उनके संपर्क में थी।वो भोपाल छोड़कर नोएडा लौटना चाहती थी। वो शुरुआत में खुश नजर आती थी, लेकिन जल्द ही उन्हें अपने ससुराल में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शादी के बाद वो मानसिक दबाव, अपमान और उत्पीड़न के बारे में बताती रहती थी। पिता नवनिधि शर्मा के मुताबिक घटना वाली रात को आधे घंटे तक अपनी बेटी से बात की थी। टि्वशा ने रात 10.05 बजे मां क फोन किया था और सारे हालात बताए थे। जैसे ही उनके पति कमरे में आए तो फोन कट गया। इसके बाद टि्वशा, उके समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह को बार-बार फोन किया, लेकिन किसी ने रिसीव नहीं किया था। बाद में गिरीबाला सिंह ने टि्वशा के परिवार को फोन कर इतना ही कहा था कि वो नहीं रही।
अब क्रॉस-वेरिफिकेशन करेंगे वकील
चालान पेश होने के बाद दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने सीबीआई की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों और साक्ष्यों का अध्ययन शुरू कर दिया है। अधिवक्ता चालान में दर्ज तथ्यों का उपलब्ध साक्ष्यों से मिलान करेंगे। उनका फोकस इस बात पर रहेगा कि जांच एजेंसी ने जिन तथ्यों के आधार पर दोनों को आरोपी बनाया है, उन्हें समर्थन देने वाले साक्ष्य कितने ठोस हैं। अधिवक्ताओं के अध्ययन के बाद दोनों पक्ष अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे। अदालत चालान में शामिल दस्तावेजों, साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय करेगी। फिलहाल मामले की अगली दिशा सीबीआई के चालान में प्रस्तुत साक्ष्यों और अदालत में दोनों पक्षों की दलीलों पर निर्भर करेगी।
फैक्ट फाइल
- 12 मई को त्विषा शर्मा की लाश फंदे पर मिली। घटना के बाद मौत की परिस्थितियों को लेकर जांच शुरू हुई।
- मामले से जुड़े तथ्यों, परिस्थितियों और आरोपों की जांच आगे बढ़ी तथा दस्तावेज और बयान जुटाए गए।
- मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो ने संभाली और संबंधित लोगों से पूछताछ के साथ उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया।
- जांच के बाद रिटायर्ड जिला न्यायाधीश गिरीबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को मामले में आरोपी बनाया गया।
- सीबीआई ने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शोभना भलावे की अदालत में चालान पेश कर दिया।
अदालत चालान का अध्ययन कर रही है। दोनों पक्षों के अधिवक्ता भी दस्तावेजों और साक्ष्यों का परीक्षण कर रहे हैं। इसके बाद अदालत में दलीलें रखी जाएंगी और आगे की न्यायिक प्रक्रिया निर्धारित होगी।


