रायपुर (mediasaheb.com) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केन्द्र से छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कम्पनी लि.(सीएसपीडीसीएल) को तेलंगाना राज्य की पॉवर कंपनी पर बकाया दो हजार करोड़ रूपए के देयक के भुगतान की कार्रवाई हेतु स्वतंत्र विद्युत उत्पादक (आईपीपी) मान्य करने का आग्रह किया है।
श्री बघेल ने केन्द्रीय बिजली मंत्री आर.के.सिंह को लिखे पत्र में यह आग्रह करते हुए उन्हे बताया है कि छत्तीसगढ़ में स्टेट सेक्टर के अंतर्गत स्थापित 1000 मेगावॉट क्षमता की अटल बिहारी ताप विद्युत परियोजना (मड़वा) से विद्युत आपूर्ति हेतु सीएसपीडीसीएल एवं तेलंगाना राज्य की पावर कम्पनियों के मध्य 22 सितम्बर 15 को दीर्घकालीन पीपीए निष्पादित किया गया है। जिसके तहत तेलंगाना राज्य को निरन्तर विद्युत आपूर्ति की जा रही है।
उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को यह भी बताया है कि सीएसपीडीसीएल का 31 मार्च 20 की स्थिति में दो हजार करोड़ रूपये से अधिक का विद्युत देयक तेलंगाना राज्य की पॉवर कम्पनी पर बकाया है, जिसके कारण सीएसपीडीसीएल वित्तीय तनाव से गुजर रही है।
उन्होंने कहा कि पीएफसी लिमिटेड द्वारा ऋण प्राप्त करने हेतु
जारी पत्र में स्पेशल लॉन्ग टर्म ट्रांजेक्शन लोन टू डिस्कम फॉर कोविड-19 के अनुसार
सीपीएसयू जेनको एण्ड ट्रान्सको. आईपीपीस एण्ड री-जनरेटर्स के 31 मार्च 20 की स्थिति में
बकाया बिलों के भुगतान हेतु ही पॉवर कम्पनियों को ऋण दिया जाएगा। जिससे कि
तेलगांना राज्य की पॉवर कम्पनियों को छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के बकाया
विद्युत देयकों के भुगतान हेतु लोन की पात्रता नहीं रहेगी, क्योंकि
सीएसपीडीसीएल उक्त परिभाषा की श्रेणी में शामिल नही है।
श्री
बघेल ने केन्द्र से सीएसपीडीसीएल की वित्तीय मुश्किलों की स्थिति के मद्देनजर इसे
स्वतंत्र विद्युत उत्पादक मान्य करते हुए तेलंगाना राज्य की पॉवर कम्पनियों के
द्वारा आरईसी लिमिटेड को प्रस्तुत ऋण आवेदन पर यथाशीघ्र विचार करने तथा आरईसी के
अधिकारियों को निर्देशित करने का आग्रह किया है।(वार्ता)| (thestates.news)

