Author: mediasaheb

मुंबई, (media saheb.com) मिस यूनिवर्स हरनाज संधू बॉलीवुड के किंग खान शाहरूख खान और फिल्मकार संजय लीला भंसाली के साथ काम करना चाहती है।हरनाज संधू ने…

रायपुर(media saheb.com) | प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि हसदेव अरण्य और लेमरू हाथी अभ्यारण्य पर भाजपा को कुछ भी बोलने का नैतिक अधिकार…

नई दिल्ली, (media saheb.com) आज देश के लिए बैंकिंग सेक्टर के लिए और देश के करोड़ों बैंक अकाउंट होल्डर्स के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है।…

बिलासपुर (media saheb.com)|एसईसीएल को त्रिपुरा स्टेट रायफ़ल्स की एक और कम्पनी मिली । कम्पनी में १२२ जवान हैं । इनकी पदस्थापना कुसमुंडा क्षेत्र में की जाएगी। अक्तूबर…

बिलासपुर (media saheb.com) एसईसीएल मुख्यालय मे दिनांक 22.12.2021 को मुख्यालय स्तर की राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक निदेशक (वित्त सह कार्मिक) श्री एस.एम. चौधरी की अध्यक्षता…

स्टार्टअप ग्रैंड चैलेंज का दूसरा संस्करण लांच नई दिल्ली(media saheb.com) । पशुपालन और डेयरी विभाग ने स्टार्टअप इंडिया के साथ साझेदारी में, डॉ वर्गीस कुरियन की जन्म…

हॉर्टिकल्चर, मत्स्य पालन, चावल की फूड प्रोसेसिंग व पैकेजिंग आदि की जानकारीकिसान शुरू करेंगे खेत के छोटे-छोटे हिस्सों में बागवानीदोनो विधी से किसानों की आय के…

नईदिल्ली(mediasaheb.com)केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने फिर इस बात को दोहराया कि मोदी सरकार सीबीआई समेत जांच करने वाली अन्य सभी संस्थानों की स्वतंत्रता और स्वायत्तता को बनाए रखने, उन्हें संरक्षित और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। यहां सीबीआई मुख्यालय में आयोजित अलंकरण समारोह को संबोधित करते डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार के लिए जीरो टॉलरेंस, पारदर्शिता और नागरिकों की सहभागिता को केंद्र में रखना तीन मुख्य मंत्र हैं जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के प्रशासनिक नजरिये को निर्धारित करते हैं। उन्होंने कहा कि वैचारिक आस्थाओं की परवाह किए बगैर यह सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि सीबीआई जैसी संस्थाओं को मजबूत किया जाए, क्योंकि समाज में सच्चरित्रता बनाए रखने के परम लक्ष्य को प्राप्त करने के राष्ट्र के संकल्प को मजबूत करने में भी इन संस्थानो का योगदान होता है। सीबीआई निदेशक श्री सुबोध कुमार जायसवाल के अलावा केंद्रीय सतर्कता आयुक्त श्री सुरेश एन. पटेल, केंद्रीय सचिव डीओपीटी, श्री पीके त्रिपाठी, सीबीआई के विशेष निदेशक श्री प्रवीण सिन्हा समेत वरिष्ठ अधिकारीगण, विशिष्ट सेवा के लिए पुरस्कार प्राप्त करने वाले अधिकारी और उनके परिवार के सदस्य इस मौके पर मौजूद थे। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार और बेहिसाब धन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए, मोदी सरकार द्वारा पिछले 7 वर्षों के दौरान कई पहलें की गई हैं। उन्होंने कहा कि 26 मई, 2014 को प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के शीध्र बाद, प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की पहली बैठक में काले धन का पता लगाने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि 2014 के बाद से, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 में संशोधन, लोकपाल के पद की स्थापित और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एसीसी (नियुक्ति संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति) के निर्णयों समेत सभी सरकारी फैसलों को तत्काल सार्वजनिक करने सहित अनेक सुधार किए गए हैं। डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले वर्षों के दौरान 1500 से अधिक कानूनों को समाप्त कर विभिन्न नियमों और विनियमों को सरल बनाया गया हैकुछ राज्यों द्वारा मामलों की जांच के लिए सीबीआई को दी गई सामान्य सहमति वापस लेने जबकि उनके अपने अनुकूल चयनात्मक सहमति देने का विशेषाधिकार बनाए रखने पर चिंता व्यक्त की। सिंह ने इन राज्य सरकारों से मामलों की जांच के लिए सीबीआई को दी जाने वाली सामान्य सहमति वापस लेने के निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील की सिंह ने याद दिलाया कि जनता के दबाव में राज्यों द्वारा कई मामले सीबीआई को भी भेजे जाते हैं जो यह दर्शाता है कि लोगों का सीबीआई पर अधिक भरोसा है इसी तरह, न्यायपालिका द्वारा कई मौकों पर जटिल और जरूरी मामले भी सीबीआई को सौंपे जाते हैंउन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा इसी साल अक्टूबर में दिए गए उस संबोधन की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए, जिसमें प्रधानमंत्री ने कहा, ’’नया भारत अब भ्रष्टाचार को व्यवस्था के हिस्से के रूप में स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।’’ डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि व्यवस्था को पारदर्शी, सक्षम और दुरुस्त बनाने के प्रयास तेज गति से चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 में 30 साल बाद 2018 में संशोधन करके उसमें कई नए प्रावधान शामिल किए गए जिनमें रिश्वत लेने के साथ-साथ रिश्वत देने के अधिनियम को भी अपराध माना गया है। साथ ही, ऐसी कार्रवाइयों में व्यक्ति और कॉर्पोरेट संस्थाओं के लिए एक प्रभावी रोकथाम की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में अधिक पारदर्शिता, नागरिकों की सहभागिता और जवाबदेही लाना वर्तमान सरकार की प्रतिबद्धता है और इस बात का संकेत देश में उच्च संस्थानों में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए लोकपाल की संस्था को संचालित करने की इसकी निर्णायक पहल से मिलता है। सीबीआई निदेशक सीबीआई श्री सुबोध कुमार जायसवाल ने इस अवसर पर सभी सीबीआई पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी। श्री जायसवाल ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में काम करने के लिए सीबीआई की अडिग प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि सीबीआई पिछले कुछ वर्षों के दौरान देश की एक बहुविधायी प्रमुख जांच एजेंसी के रूप में उभरी है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के प्रोफेशनलों को शामिल किया गया है

विद्यार्थियों को मिलेगा औद्योगिक प्रशिक्षण और प्लेसमेंट स्वर्णिम अवसर रायपुर(media saheb.com) । मैट्स यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों के औद्योगिक प्रशिक्षण और प्लेसमेंट के उद्देश्य से मैट्स तथा …