नई दिल्ली
आम आदमी पार्टी को शनिवार को बड़ा झटका लगा है। पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ AAP छोड़ कांग्रेस में शामिल हो गई है। कांग्रेस में शामिल होने के बाद प्रियंका कक्कड़ ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि अगर कोई एक नेता ऐसा है जो अपने विचारों को खुलकर सामने रखने से डरता नहीं है, तो वह राहुल गांधी हैं। मैंने देखा है कि वह आज ऐसे इकलौते नेता हैं, जिन्होंने कैमरों के सामने आंसू नहीं बहाए।
प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि वह बेहद दृढ़ हैं। मैंने देखा है कि किस तरह उन्हें अपमानित किया गया और उन्हें कमजोर करने के लिए पूरी व्यवस्था को उनके खिलाफ लगा दिया गया। इसके बावजूद राहुल गांधी और कांग्रेस डटे रहे। उनकी प्रामाणिकता ही उनकी आत्मा है। मैंने देखा कि इस पार्टी में भी एक आत्मा है, जो मुझे दूसरी पार्टियों में नजर नहीं आई। और मैं यह बात अपने व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर कह रही हूं।
आम आदमी पार्टी को लेकर क्या कहा?
इस दौरान उन्होंने आम आदमी पार्टी को लेकर भी बयान दिया। प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि एक समय कहा जाता था कि आम आदमी पार्टी सरकारी बंगला या कार नहीं लेगी। लेकिन बाद में निजी यात्राओं के लिए हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल होने लगा और ऐसी स्थिति में मेरे लिए उन चीजों का बचाव करना मुश्किल हो गया, जिनका बचाव किया ही नहीं जा सकता था।
उन्होंने कहा कि मैंने तब अपनी एक सीमा तय कर ली, जब मैंने देखा कि आम आदमी पार्टी, जिसने एक समय बड़ी क्षमता और बुद्धिमत्ता वाले लोगों को आकर्षित किया था, अब उन्हें अपने साथ बनाए रखने में सक्षम नहीं है। अब किन लोगों को पार्टी में लाया जा रहा है? ऐसे नए लोगों को, जिन्होंने बूथ स्तर तक पर काम नहीं किया है, राजस्थान से लाकर पंजाब में बड़े पद दिए जा रहे हैं और उन्हें बंगले और गाड़ियां दी जा रही हैं। आखिर मैं कब तक ऐसी चीजों का बचाव करती रहूंगी, जिनका बचाव करना संभव नहीं है?
प्रियंका ने कहा कि मैंने यह भी देखा है कि राहुल गांधी लगातार ‘गद्दार ज्ञानेश कुमार’ के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। उन्होंने हम सभी को इस मुद्दे के बारे में जागरूक किया है। हमें जनता को यह बताना होगा कि उनके अनुसार हमारा एकमात्र वोट देने का अधिकार ज्ञानेश कुमार द्वारा छीना जा रहा है और उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खाते में डाला जा रहा है। इसे रोकना होगा।
उन्होंने कहा कि इसलिए अब हम सभी को साथ आकर कांग्रेस और राहुल गांधी का समर्थन करना चाहिए, ताकि भारत के विचार को जीवित रखने के लिए उनकी इस लड़ाई का समर्थन किया जा सके।


