नई दिल्ली (mediasaheb.com)| केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने आधुनिक और परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों की संयुक्त अनुसंधान पर जोर देते हुए कहा है कि इससे विभिन्न क्षेत्रों के बीच स्वास्थ्य देखभाल सेवा के अंतर को समाप्त किया जा सकता है।
श्री मांडविया सोमवार को यहां राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ के 27 वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आयुष के क्षेत्र में अनुसंधान की बहुत आवश्यकता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य देखभाल की सेवा उचित और किफायती रूप से पहुंचा जा सकती है। अनुसंधान के माध्यम से आधुनिक और परंपरागत शिक्षण पद्धतियों का अंतर भी समाप्त किया जा सकता है।
इस अवसर पर श्री मांडविया ने देश भर के चुनिंदा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान – एम्स में आयुष – आईसीएमआर ‘एडवांस्ड सेंटर फॉर इंटीग्रेटिव हेल्थ रिसर्च’ (एआई-एसीआईएचआर) की स्थापना की घोषणा की। चार चयनित स्थानों पर पांच एकीकृत स्वास्थ्य अनुसंधान (एआई-एसीआईएचआर) के लिए आयुष-आईसीएमआर उन्नत केंद्र की शुरुआत की। उन्होंने आयुष स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं के लिए भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों का भी लोकार्पण भी किया।
ये अनुसंधान केन्द्र दिल्ली, नागपुर, जोधपुर और ऋषिकेश के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में शुरू किए गये।(वार्ता)
Wednesday, October 28
Breaking News
- 28 अक्टूबर राशिफल: बुधवार को इन राशियों पर बरसेगी किस्मत की कृपा, कुछ जातकों को रहना होगा सतर्क
- रबी सीजन और दीपावली के लिये निर्बाध विद्युत आपूर्ति करें सुनिश्चित : ऊर्जा मंत्री तोमर
- योजनाओं के लक्ष्य समय-सीमा में पूर्ण करें, सभी जरूरतमंदों तक पहुँचाएँ लाभ : मंत्री कुशवाहा
- छात्रों की सहभागिता से होगा समाज और राष्ट्र की समस्याओं का समाधान: परमार
- व्यापक जनभागीदारी के साथ संचालित हुआ सेवा-संकल्प अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
- तंबाकू मुक्त युवा अभियान 4.0 को जन आंदोलन बनाएं : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
- मुख्यमंत्री डॉ. यादव से राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने की भेंट
- युवाओं के भरोसे भारत का लोकतंत्र सुरक्षित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
- किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने किए जा रहे प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
- मुख्यमंत्री डॉ. यादव की घोषणा के अनुरूप नक्सल प्रभावित 100 गांवों के सर्वांगीण विकास की कार्ययोजना तैयार


