नई दिल्ली (mediasaheb.com)| भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर आज तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में लोकतांत्रिक राजवंशों के परिवारवाद का पटाक्षेप हो रहा है और वास्तविक लोकसत्ता प्रादुर्भाव हो रहा है।
भाजपा के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में यह प्रतिक्रिया जतायी और कहा, “देखी जमाने की यारी, बिछड़े सभी बारी-बारी! हाल में संपन्न विधानसभा चुनावों में पूरी तरह ध्वस्त होने के बाद विपक्ष के इस तथाकथित इंडी गठबंधन की यारी अब छिन्न-भिन्न हो गई है। इस बौखलाहट में अब कांग्रेस पार्टी आपत्तिजनक बयान देने पर आ गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आधारहीन और अनर्गल बयान दिया है।”
उन्होंने कहा कि यह सच है कि बहुत सी बातों का पटाक्षेप हो रहा है। 1947 में राजवंशों का पटाक्षेप हुआ था। आज लोकतांत्रिक राजवंशों का पटाक्षेप हो रहा है। उन्होंने कहा, “2019 के लोकसभा चुनावों में उत्तर से दक्षिण तक देश की प्रबुद्ध जनता ने… जो लोकतंत्र के नाम पर राजतंत्र चला रहे थे, उन्हें सबक सिखाने का काम किया। कश्मीर में अब्दुल्ला या मुफ्ती परिवार, चुनाव हार गए। पंजाब में बादल परिवार चुनाव हारा, हरियाणा में हुड्डा परिवार चुनाव हारा, अशोक गहलोत जी का बेटा चुनाव हारा, उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की पत्नी चुनाव हारीं, चौधरी अजीत सिंह और उनके बेटे चुनाव हारे, बिहार में लालू प्रसाद यादव जी की बेटी चुनाव हारीं, तेलंगाना में केसीआर जी की बेटी चुनाव हारीं और परिवारवाद के सबसे बड़े प्रतीक श्री राहुल गांधी भी चुनाव हारे।”
उन्होंने कहा कि चाहे कोई कुछ भी कहे, सच तो यह है कि लोकतंत्र की आड़ में वंशवाद की राजनीति वर्षों से जारी थी। इसे अब मतदाताओं ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। यह वंशवादी राजनीति अपने अवसान की ओर बढ़ रही है। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री श्री मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत में वास्तविक लोकसत्ता का प्रादुर्भाव हो रहा है। भारत का गरीब, किसान, महिला एवं युवा वर्ग अपनी शक्ति के साथ उभर रहा है।
उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि पं. जवाहरलाल नेहरू जीरो वोट पाकर प्रधानमंत्री बने थे, इंदिरा गांधी जी, राजीव गांधी जी और मनमोहन सिंह जी भारत के प्रधानमंत्री कैसे बने। भारत के राजनीतिक इतिहास में केवल दो प्रधानमंत्रियों को स्पष्ट लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से चुना गया था – श्री अटल बिहारी वाजपेयी और श्री नरेंद्र मोदी। पार्टी ने उन्हें नेता चुना और देश की जनता ने प्रधानमंत्री के रूप में उस पर मुहर लगायी। उन्होंने कहा कि यह विडंबना है कि जीरो वोटों से ‘प्रधानमंत्री’ बनाने वाली राजनीतिक पार्टी अब लोकतंत्र का पाठ पढ़ा रही है।
डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि श्री खड़गे ने यह भी कहा है कि हम गुलाम थे और आप गुलामों के गुलाम थे। जबकि सच यह है कि कांग्रेस गुलामी की मानसिकता से अब तक नहीं उबर पायी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 18 मई 2014 को ब्रिटेन के एक अखबार ने लिखा था कि भारत को दूसरी बार स्वतंत्रता मिली है। इस शासन व्यवस्था का ब्रिटिश औपनिवेशिक पृष्ठभूमि से कोई लेना देना नहीं है।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव में अपने निर्णायक अवसान को देख कर भयाक्रांत हाे कर अनर्गल बातें कर रही है।”
बिहार में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की यात्रा आने से पहले ही इंडी गठबंधन के प्रमुख नेता श्री नीतीश कुमार के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में आ जाने के बारे में एक सवाल पर डॉ. त्रिवेदी ने पलटवार करते हुए कहा, “अयोध्या में श्री राममंदिर में रामलला की प्राणप्रतिष्ठा के मुहूर्त पर सवाल उठाने वाले बतायें कि श्री राहुल गांधी की यात्रा किस मुहूर्त में शुरू हुई थी और आखिर क्यों ऐसा है कि जहां जहां चरण पड़े श्री राहुल जी के, वहां वहां बंटाधार।” (वार्ता)
Friday, July 10
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