नई दिल्ली, (mediasaheb.com) सभी
विश्वविद्यालयों/कॉलेजों में 30 सितम्बर तक अंतिम वर्ष की परीक्षाएं आयोजित करने के
दिशानिर्देश संबंधी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का हालिया आदेश रद्द करने की मांग
को लेकर उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की गयी है।
दस से अधिक छात्रों ने यूजीसी के छह
जुलाई के दिशानिर्देशों को शीर्ष अदालत में चुनौती देते हुए याचिका दायर की है। इन
याचिकाकर्ता छात्रों में एक कोरोना पीड़ित भी है।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि ऐसे अंतिम
वर्ष के कई छात्र हैं जो या तो खुद कोरोना संक्रमण के शिकार हैं या उनके परिवार के
सदस्य इस महामारी की चपेट में हैं। ऐसे छात्रों को इस वर्ष 30 सितंबर तक अंतिम वर्ष की परीक्षाओं में
बैठने के लिए मजबूर करना, अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन के अधिकार का खुला
उल्लंघन है।
वकील अलख आलोक श्रीवास्तव के माध्यम से
दायर याचिका में दावा किया गया है कि आमतौर पर 31 जुलाई तक छात्रों को अंक प्रमाण पत्र/ डिग्री प्रदान की जाती है, जबकि वर्तमान मामले में परीक्षाएं 30 सितंबर तक समाप्त होंगी। याचिकाकर्ता की
दलील है कि जब विभिन्न शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द करके आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर
परिणाम घोषित किये जा सकते हैं तो अंतिम वर्ष के छात्रों का क्यों नहीं? (वार्ता)
(#thestates.news)
Friday, August 21
Breaking News
- 21 अगस्त राशिफल: इन राशियों पर बरसेगी विष्णु कृपा, चमकेगी किस्मत; धन-लाभ के योग
- महाराष्ट्र के हिवरे बाजार में बालोद की महिला सरपंचों ने बिखेरी छत्तीसगढ़ की चमक
- खंडवा के डायल-112 हीरोज रात में घर की राह भटके दो मासूमों को सुरक्षित परिजनों से मिलाया
- जापान संग रिश्तों को नई उड़ान देगा यूपी, अब लखनऊ में साझेदारी का लिखा जाएगा महाअध्याय
- उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की
- शिशु संरक्षण माह: स्वस्थ बचपन और सुरक्षित भविष्य का आधार
- ओबोसी बेटियों की शादी का सहारा बनी योगी सरकार, 30 हजार से अधिक लाभार्थियों को मिला अनुदान
- मध्यप्रदेश पुलिस की चोरी एवं नकबजनी के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही
- खस से बनी अनोखी राखियां, पानी की बूंद पड़ते ही बिखेरेंगी खुशबू
- उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया शौर्य वाटिका का भूमिपूजन, लगभग 79 लाख रुपए के विकास कार्यों का किया लोकार्पण


