नईदिल्ली, (mediasaheb.com ) एक साथ कई चुनौतियों का सामना कर रहे देश में फिलहाल कोरोना वायरस के बाद चीनी चुनौती सबसे बड़ी साबित हो रही है. पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के साथ चल रही तनातनी के बीच सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने स्थितियों को नियंत्रण में बताया है।
नेपाल सीमा पर शुक्रवार को हुई फायरिंग में एक भारतीय नागरिक की मौत होने पर उन्होंने कहा कि उनके साथ हमारे संबंध हमेशा मजबूत रहे हैंं और आगे भी रहेंगे । भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी क्षेत्र में चल रहे सैन्य टकराव को लेकर शुक्रवार को भी पांचवें दौर की वार्ता हुई जिसमें लेह स्थित 3 इन्फैंट्री डिवीजन के कमांडर मेजर जनरल अभिजीत बापट ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया ।
इस बैठक में भी चीनी सेना द्वारा फिंगर-4 से 8 तक के पहाड़ी क्षेत्र पर किये गए कब्जे के मुद्दे पर गतिरोध बना रहा। यह बैठक भी बेनतीजा होने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कल ही दिल्ली में सैन्य बलों के प्रमुख सीडीएस बिपिन रावत और तीनों सेना प्रमुखों के साथ बैठक करके एलएसी की स्थिति की समीक्षा की । अब फिर लेह स्थित 14 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और दक्षिण शिनजियांग सैन्य जिला प्रमुख मेजर जनरल लियू लिन के बीच एक और बैठक की योजना बनाई जा रही है।
चीन के साथ सैन्य स्तर पर पांचवें दौर की वार्ता नाकाम होने के बाद शनिवार को सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने कहा कि मैं सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि चीन के साथ हमारी सीमाओं पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है ।
हम लगातार बातचीत कर रहे हैं जो कोर कमांडर स्तर की बातचीत के साथ शुरू हुई है और स्थानीय स्तर पर समकक्ष रैंक के कमांडरों की बैठकों के साथ जारी है। इसी का नतीजा है कि चीनी सैनिक सीमा से काफी पीछे चले गए हैं । उन्होंने उम्मीद जताई कि लगातार किए जा रहे निरंतर संवाद के माध्यम से हम चीन के साथ सभी मतभेदों को सुलझाने में कामयाब होंगे ।
नेपाल सीमा पर शुक्रवार को हुई फायरिंग में एक भारतीय नागरिक की मौत होने पर सेना प्रमुख नरवणे ने कहा कि नेपाल के साथ हमारे बहुत मजबूत संबंध हैं। हमारे और उनके भौगोलिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, धार्मिक संबंध हैं। हमारे पास लोगों को जोड़ने के लिए बहुत मजबूत लोग हैं। उनके साथ हमारा संबंध हमेशा मजबूत रहा है और आगे भी मजबूत रहेंगे।

