रायपुर (mediasaheb.com) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लाकडाउन बढ़ाए जाने की स्थिति में राज्य के अंदर कुछ आवश्यक आर्थिक गतिविधियां चलाने की अनुमति दिए जाने का आग्रह किया है।
श्री बघेल ने आज यह आग्रह प्रधानमंत्री श्री मोदी के साथ हुई वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान करते हुए संकट के समय एमएसएमई सेक्टर को बचाने के लिए केन्द्र सरकार से आर्थिक पैकेज की भी मांग की।उन्होने इसके साथ ही अंतर्राज्यीय सड़क, वायु, रेल सुविधाओं पर प्रतिबंध जारी रखने का सुझाव दिया।
श्री बघेल ने श्री मोदी से यह भी आग्रह किया कि पीपीई किट की संख्या में वृद्धि और परीक्षण की सुविधा भी बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने केन्द्रीय विश्वविद्यालय की परीक्षाएं स्थगित रखने या आन लाइन लिए जाने का सुझाव भी दिया।उन्होने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा परीक्षण किट की खरीद के लिए तय की गई गाइडलाइन में स्पष्ट निर्देश नहीं होने से संशय की स्थिति बनी हुई है। इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि राज्य में एमएसएमई सेक्टर द्वारा लगातार आर्थिक पैकेज की मांग की जा रही है।लाकडाउन की लंबी अवधि के कारण लोगों को सर्वाधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाले इस महत्वपूर्ण सेक्टर का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।उन्होंने इन उद्योगों को बचाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा शीघ्र आर्थिक पैकेज दिए जाने की घोषणा करने का अनुरोध किया।
श्री बघेल ने प्रधानमंत्री को बताया कि राज्य में कोरोना संक्रमण के कुल 18 व्यक्ति संक्रमित पाए गए हैं। इनमें अब तक 10 स्वस्थ्य हो चुके हैं। शेष 8 मरीजों की हालत सामान्य है। तबलीगी जमात के सात सदस्य कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए इन सभी को एम्स रायपुर में भर्ती कराया गया है, उनकी हालत भी सामान्य है। राज्य में अब तक किसी भी व्यक्ति की कोरोना वायरस संक्रमण से मृत्यु नहीं हुई है।उन्होने बताया कि राज्य में तबलीगी जमात के 107 सदस्यों को क्वारेंटाइन में रखा गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य की सीमा में हजारों लोग फंसे हैं। उन्हें अभी राज्य की सीमा के बाहर ही क्वारेंटाइन करके रखा गया है।लेकिन इन लोगों को काफी परेशानी हो रही है। इनमें कई यात्री और परिवार के लोग भी हैं जो अपने घरों में जाना चाहते हैं।इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करने का भी उन्होने आग्रह किया।(वार्ता)

