रायपुर, (media saheb.com) कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
अमर पारवानी, चेयरमेन मगेलाल मालू, अमर गिदवानी, प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी, कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, परमानन्द जैन, वाशु माखीजा, महामंत्री सुरिन्द्रर सिंह, कार्यकारी महामंत्री भरत जैन,
कोषाध्यक्ष
अजय अग्रवाल एवं मीड़िया प्रभारी संजय चौंबे ने बताया की एमेजॉन और फ्लिपकार्ट के
खिलाफ सीसीआई जांच को फास्ट ट्रैक मोड में करने का आग्रह करते हुए, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने
आज केंद्रीय वाणिज्य मंत्री श्री पीयूष गोयल को भेजे एक पत्र में उनसे कहा की न्याय
की दृष्टि से वो सीसीआई को अमेज़न एवं फ्लिपकार्ट के खिलाफ चल रही जांच को फ़ास्ट
ट्रैक मोड पर करने का निर्देश दें। कैट एवं दिल्ली व्यापार महासंघ ने सीसीआई में
इन दोनों कंपनियों के खिलाफ अनेक शिकायतें दर्ज़ की हुई हैं, जिन पर सीसीआई ने जांच का आदेश दिया हुआ है।
कैट ने कहा है कि जांच में लम्बा समय लगने से दोनों ई-टेलर्स को जंच से सम्बंधित
रिकॉर्ड में हेरा फैरी करने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने के लिए पर्याप्त समय मिल
जाएगा जिससे न्याय में देरी -न्याय से इनकार की कहावत सिद्ध हो सकती है। कैट ने यह
भी कहा कि यह मामला लगभग दो साल से लटका हुआ है और जांच की कोई भी
धीमी प्रक्रिया जांच के उद्देश्य को ही खत्म कर देगी। इस मामले को कैट ने सितंबर, 2019 में वाणिज्य मंत्रालय के साथ उठाया था। उधर
दूसरी तरफ कैट ने श्री गोयल, जो उपभोक्ता मामलों के मंत्री भी हैं, से उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय द्वारा
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत प्रस्तावित ई कॉमर्स नियमों को तुरंत लागू
करने का आग्रह भी किया है वहीं केंद्र सरकार द्वारा ई कॉमर्स नीति को भी जल्द से
जल्द लागू करने का भी आग्रह किया है।
कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अमर पारवानी एवं प्रदेश
अध्यक्ष श्री जितेन्द्र दोशी ने श्री गोयल को भेजे पत्र में कहा कि भारत के
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट दोनों की जांच पर रोक लगाने की
अपील को ख़ारिज किये जाने के बाद अब श्री गोयल सीसीआई को समयबद्ध अवधि में जांच
सुनिश्चित करने के लिए दोनों कंपनियों के खिलाफ जांच को फास्ट ट्रैक मोड पर जारी
रखने के लिए निर्देशित करें।
श्री पारवानी और श्री दोशी ने आशंका जताई कि सीसीआई द्वारा जांच
की सामान्य प्रक्रिया में काफी समय लग सकता है जिसमें जांच के उद्देश्य को विफल
करने हेतु दोनों कंपनियां जांच में विलम्ब करने के लिए अनेक प्रकार के
हथकंडे का उपयोग करने कर सकते हैं और इस बीच ये कंपनियां हमेशा की तरह अपने अनुचित
व्यापारिक मॉडल को जारी रखेंगी जिससे देश के छोटे व्यापारियों और उपभोक्ताओं को
काफी नुकसान होगा। जांच का लम्बा समय अभिलेखों के प्रबंधन और सबूतों से छेड़छाड़
करने के लिए पर्याप्त समय भी देंगे। इसलिए न्याय देने के उद्देश्य से एक
निर्धारित समयबद्ध अवधि के तहत सीसीआई द्वारा जांच को फास्ट ट्रैक मोड पर रखना
आवश्यक है।
श्री पारवानी और श्री दोशी ने श्री गोयल से यह भी आग्रह किया की
वो वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीथारमन के साथ बातचीत कर प्रवर्तन निदेशालय को
फेमा अधिनियम और नियमों के उल्लंघन के लिए अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट दोनों के खिलाफ
जांच में तेजी लाने का निर्देश देने के विषय में भी आग्रह करें। इन दोनों कंपनियों
के खिलाफ कैट ने प्रवर्तन निदेशालय में पहले से ही अपनी शिकायतें दर्ज़ करा रखी हैं। रायपुर, (media
saheb.com)
Saturday, April 25
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