बिलासपुर(mediasaheb.com)देश में बिजली बनाने का काम मुख्यतः कोयला आधारित है तथा कोरोना महामारी के प्रसार के बावजूद कोयलांचलों में कामगार निरंतर कोयला उत्पादन, डिस्पैच एवं संबंधित गतिविधियों में लगे हुए हैं। एसईसीएल ने अपने 50 हजार से अधिक के कार्यबल के कोरोना संक्रमण से बचाव तथा अपने संचालन क्षेत्रों में इसके प्रसार एवं प्रभाव को कम करने के उद्धेश्य से कई कदम उठाए हैं। इस संबंध में मुख्यालय सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार मुख्यालय समेत कम्पनी के विभिन्न संचालन क्षेत्रों में लगभग 2 लाख फेस मास्क वितरित किए गए हैं। वहीं उपयोग के लिए 12 हजार लीटर से अधिक सेनेटाईजर भी वितरित किए गए हैं। कम्पनी के विभिन्न अस्पतालों में 500 से अधिक कोविड बेड तैयार किए गए हैं तथा स्वास्थ्य कर्मियों के लिए लगभग 5300 पीपीई किट, 7 हजार से अधिक एन-95 मास्क, लगभग 150 थर्मल स्केनर, लगभग 500 आक्सीजन सिलेण्डर आदि की व्यवस्था की गयी है। गंभीर प्रकृति के मरीज एसईसीएल के इम्पेनल्ड हास्पिटलों में रिफर किए जाते हैं वहीं कोलइण्डिया लिमिटेड द्वारा हाल ही में जारी आदेश अनुसार आकस्मिक स्थिति में ऐसे कोरोना संक्रमित मरीज किसी भी हास्पिटल में अपना ईलाज करा सकते हैं जिसकी प्रतिपूर्ति लागू दर पर कोलइण्डिया लिमिटेड एवं उसकी अनुषंगी कम्पनियाँ करंेगी। आकस्मिक चिकित्सा सुविधा प्राप्त करने का यह आदेश मार्च 2020 से प्रभावी कर दिया गया है।
टीकाकरण पर विशेष जोर: एसईसीएल के 45 वर्ष से अधिक के लगभग 20 हजार अधिकारी एवं कर्मचारियों का टीकाकरण किया जा चुका है। कम्पनी ने इस हेतु चिकित्सालय एवं स्वास्थ्य केन्द्रों के माध्यम से लगभग 21 स्थानों पर वैक्सीनेशन सेन्टर बनाया है। ठेका कामगारों तथा कर्मियों के परिजनों को सम्मिलित कर टीकाकरण की संख्या लगभग 33 हजार पहुँच चुकी है।
कार्यस्थल पर कोरोना से बचाव हेतु इंतजाम: खनन क्षेत्रों में प्रयुक्त एचईएमएम मशीनों का सेनेटाईजेशन, काॅलोनी एवं आसपास के क्षेत्रों में फागिंग का कार्य, कार्यस्थल पर बिना मास्क का प्रवेश वर्जित किया जाना, सोशल डिस्टेसिंग का पालन आदि के जरिये कार्यस्थल पर कोरोना से बचाव हेतु समुचित प्रयास किए जा रहे हैं। कर्मचारियों एवं उनके परिजनों तथा ठेका कामगारों के मध्य कोविड अनुकूल व्यवहार अपनाने के लिए बैनर-पोस्टर, सोशल मीडिया आदि के जरिए प्रयास किया जा रहा है। (the states. news)

