3 फीसदी बढ़ी दुग्ध उत्पादों की कीमत , दुग्ध उत्पादन बढ़ाने बनेगी 150 नई दुग्ध उत्पादक समितियां
इंदौर,(mediasaheb.com) । इंदौर कमिश्नर आकाश त्रिपाठी की अध्यक्षता में शुक्रवार को इंदौर सहकारी दुग्ध संघ (सांची) की 36वीं वार्षिक साधारण सभा की बैठक हुई, जिसमें सांची के दुग्ध उत्पादों की कीमतों में तीन फीसदी इजाफा करने का निर्णय लिया गया। बैठक में कमिश्नर त्रिपाठी ने बताया कि इंदौर सहकारी दुग्ध संघ (सांची) द्वारा उपभोक्ताओं के लिये 3.50 करोड़ रुपये से अधिक की लागत का संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। उपभोक्ताओं को अब सांची की आईसक्रीम भी मिलेगी। इंदौर संभाग में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिये 150 नई दुग्ध उत्पादक समितियों का गठन किया जायेगा। इन समितियों को डेयरी के लिये ऋण भी दिया जायेगा। सांची के दूध विक्रय में 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। दूध से बने अन्य उत्पादों के विक्रय तथा लाभांश में भी वृद्धि दर्ज की गई है।
कमिश्नर त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेशभर में मिलावट के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। मिलावट कई मामले सामने आ रहे हैं। इनकी रोकथाम के लिये यह अभियान कारगर साबित हो रहा है। आज सांची के सामने विश्वसनीयता की चुनौती है । विश्वसनीयता के अनुरूप शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उपलब्ध कराये। अपनी पहचान को हर हाल में कायम रखे ।उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादक सदस्यों एवं उपभोक्ताओं के सतत् सहयोग से संघ के व्यवसाय में निरंतर वृद्धि हो रही है। दुग्ध संघ का वार्षिक टर्न-ओवर वर्ष 2017-18 में 516 करोड़ था, जिसमें 12 प्रतिशत की वृद्धि होकर वर्ष 2018-19 का टर्न-ओवर 580.27 करोड़ रुपये का हो गया है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में वार्षिक कार्ययोजना अनुसार 618 करोड़ होना संभावित है। दुग्ध संघ द्वारा वर्ष 2017-18 में 1899.06 लाख रुपये का लाभ अर्जित किया गया एवं वर्ष 2018-19 में 2692.26 लाख रुपये का लाभ हुआ, जो संघ की प्रगति का परिचायक है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में केवल इंदौर सहकारी दुग्ध संघ मर्यादित इंदौर द्वारा वर्ष 2013-14 से निरंतर दुग्ध सहकारी समितियों को लाभांश एवं बोनस वितरण किया जा रहा है। वर्ष 2016-17 का 494 करोड़ रुपये दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों को लाभांश एवं बोनस मद में भुगतान किया जा रहा है, जिसका लाभ दुग्ध उत्पादक कृषकों को दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के माध्यम से प्राप्त होगा। दुग्ध संघ के अंतर्गत दुग्ध सहकारी समितियों द्वारा वर्ष 2018-19 में 9.11 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया गया।
कमिश्नर ने बताया कि दुग्ध संयंत्र की क्षमता पूर्व में 2.60 लाख लीटर प्रतिदिन थी। वर्ष 2018-19 में स्वचलित आधुनिक मशीनों से क्षमता विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण कर 4 लाख लीटर प्रतिदिन की गई। संयंत्र विस्तार अंतर्गत स्वचलित सीआईपी सिस्टम, होमोनाइजर, क्रीम संप्रेटर, डी-ओडोराइजर एवं घी-क्लेरिफयर की स्थापना की गई। नवीन ऑटोमेटिक प्लांट मशीनरी स्थापना होने से दूध एवं दुग्ध पदार्थों की गुणवत्ता में अत्यधिक सुधार परिलक्षित हुआ है, जिससे उपभोक्ताओं में सांची दूध एवं दुग्ध उत्पादों के प्रति विश्वास बढ़ा है। उपरोक्त मशीनरी स्थापना के बाद पुरानी स्थापित मशीनों को, ऑटोमेशन के लिये 447 लाख रुपये स्वीकृत किये गये। ऑटोमेशन के पश्चात संसाधन की समस्त प्रक्रिया स्वचलित हो जायेगी।
वर्ष 2019-20 हेतु वार्षिक कार्ययोजना में 1670 मीट्रिक टन का विक्रय लक्ष्य रखा गया है। बैठक में सधारण सभा के सभी सदस्य मौजूद थे।


