हमारे बचपन की यादों में एक महत्वपूर्ण किरदार है – ब्रूस ली।
उन दिनों के अन्य बच्चों और तरुणों की तरह मेरे पास भी एक टी-शर्ट थी, जिस पर उनका चित्र बना हुआ था। मात्र 32 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया, पर वे उस युग में संपूर्ण विश्व में जाने-माने और आदर्श माने गए। हमारे लिए तो वे सुपर शक्ति संपन्न कोई देवपुरुष थे, जो कुछ भी कर सकते थे। हम मानते थे कि ब्रूस ली पच्चीस-पचास लोगों से अकेले ही लड़ सकते हैं, और हमारी पूरी मित्र-मंडली भी उन्हें महान और असाधारण मानती थी।
उन दिनों बड़े-बड़े रंगीन पोस्टरों का चलन था। फुटपाथ पर पोस्टर बेचने वालों के पास ब्रूस ली के कई पोस्टर होते थे और सभी बिक जाया करते थे। आप सोचिए, उस दौर में जब इंटरनेट नहीं था, संचार के साधन इतने उन्नत नहीं थे, यहाँ तक कि छोटे शहरों और कस्बों में जहाँ टीवी की भी पहुँच नहीं थी, तब भी उनकी जादुई लोकप्रियता भारत सहित पूरे विश्व में थी। उनका पोस्टर लगाना गर्व की बात मानी जाती थी।
‘Enter the Dragon’ भारत में किसी भी सुपरहिट फिल्म की तरह देखी और पसंद की गई। मुझे याद है, मैं और मेरे भाई अजेश, अनीश हम सब उनके बारे में ऐसे बातें करते थे मानो वे कोई देवता हों। इस फिल्म के आने के बाद पूरे भारत में कुंग-फू, जूडो-कराटे की क्लासेस खुलने लगीं और युवा बड़े लगन से इसे सीखने लगे। एक ही वार से अपनी हथेली से ईंट को तोड़ देना, मतलब भाई, ये सचमुच ब्रूस ली का चेला है।
ब्रूस ली ने कुंग-फू को हॉलीवुड में पहचान दिलाई। उनकी 4 बड़ी फिल्में जिन्होंने उन्हें लीजेंड बना दिया:
1. The Big Boss (1971)
2. Fist of Fury (1972)
3. Way of the Dragon (1972) – इसमें Chuck Norris के साथ उनका फाइट सीन आज भी आइकॉनिक है।
4. Enter the Dragon (1973) – ये उनकी सबसे बड़ी और आखिरी पूरी फिल्म थी, जिसने उन्हें वर्ल्ड स्टार बना दिया।उनकी आखिरी अधूरी फिल्म ‘Game of Death’ थी, जिसमें उनका पीला जंपसूट आज भी पॉप कल्चर का हिस्सा है।क्यों आज भी महान हैं?
1. स्पीड और ताकत: उनका One-Inch Punch और Six-Inch Punch दुनिया भर में प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि वे एक सेकंड में 9 पंच मार सकते थे।
2. फिटनेस के गुरु: उन्होंने 60-70 के दशक में ही मॉडर्न फिटनेस, डाइट और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की बात की थी।
3. नस्लवाद तोड़ा: उस दौर में जब हॉलीवुड में एशियन एक्टर को केवल साइड रोल मिलते थे, उन्होंने मुख्य हीरो बनकर दिखाया।
ब्रूस ली ने कहा था – “मैं किसी असफलता से नहीं डरता, मैं उस कोशिश से डरता हूँ जो मैंने की ही नहीं।” आप उनकी फिल्मों में से कौन सी पहले देखना चाहेंगे – Enter the Dragon या Way of the Dragon? आपकी भी कोई स्मृति हो तो कमेंट्स में लिखिएगा। *डॉ. संजय अनंत ©*


