पुणे (mediasaheb.com)| एमआइटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के विज्ञान और पर्यावरण अध्ययन स्कूल के जैव विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने स्थायित्व के लिए विज्ञान का संश्लेषण स्वच्छ ऊर्जा, लचीली कृषि और परिपत्र अर्थव्यवस्था विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया है. तीन दिवसीय संगोष्ठी २४ से २६ अप्रैल तक कोथरूड स्थित डब्ल्यूपीयू परिसर में चाणक्य भवन के तोरणा हॉल में आयोजित की जाएगी. ऐसी जानकारी एमआईटी डब्ल्यूपीयू के प्र कुलपति डॉ. मिलिंद पांडे और बीएआईएफ डेवलपमेंट रिसर्च फाउंडेशन की निदेशक डॉ. राजश्री जोशी ने पत्रकारवार्ता में दी.
संगोष्ठी का उद्घाटन २५ के सुबह १० बजे राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन के अध्यक्ष पद्मश्री प्रो. डॉ. गणपति डी. यादव द्वारा किया जाएगा. कार्यक्रम की अध्यक्षता एमआईटी डब्ल्यूपीयू के संस्थापक अध्यक्ष प्रो.डॉ. विश्वनाथ दा. कराड करेंगे. इसके अलावा समापन समारोह २६ अप्रैल को दोपहर ३ बजे होगा. इस अवसर पर आईसीएआर डीआईएफआर के निदेशक डॉ. के.वी. प्रसाद और जेनोवा बायोफार्मास्युटिकल्स के मेजर विशाल कराड उपस्थित रहेंगे.
कार्यक्रम की मेजबानी एमआईटी डब्ल्यूपीयू के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राहुल कराड के मार्गदर्शन में की गई.
संगोष्ठी में चार विषयों पर चर्चा की जाएगी, सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु अनुकूल कृषि, वृत्ताकार अर्थव्यवस्था और प्राकृतिक संसाधन, तथा प्राकृतिक उत्पाद और कार्यात्मक खाद्य पदार्थ. जिसमें आईआईटी खडगपुर के डॉ. आदिपुण्य मित्रा, एमआइटी डब्ल्यूपीयू के डॉ. भरत काले, एसपीपीयूचे डॉ. विठ्ठल बरवकर, आइसीएआर-एनआरसीजी के डॉ. सुजॉय साहा, पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मालती वेंकटेशन, आइसीजीईबीचे डॉ. शशी कुमार रोड, बीएआईएफ डेवलपमेंट रिसर्च फाउंडेशन की डॉ. राजश्री जोशी, आईडब्ल्यूएमआइ की डॉ. मानसी त्रिपाठी, सायरिओ के डॉ. समथा मैथ्यू, डॉ. आनंद घोसालकर, आईसीएआर एनआरसीजी के संचालक डॉ. कौशिक बॅनर्जी, बिट्स पिलानी के डॉ. उत्पल रॉय, लोयोला कॉलेज की डॉ. किरण कुमारी और आइसीटी के डॉ. रेखा सिंघल अपने विचार प्रस्तुत करेंगी.
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अंतःविषयक सहयोग और नवीन सोच को बढावा देना तथा टिकाऊ भविष्य के लिए प्रभावी साझेदारियां निर्मित करना है.
इसके अलावा शोध विद्वानों और युवा वैज्ञानिकों द्वारा मौखिक और पोस्टर प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी. जो जमीनी स्तर पर उभरते नवाचारों और अनुसंधान को बढावा देंगी.
यह संगोष्ठी शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों और युवा वैज्ञानिकों के लिए एक संगम का काम करेगी. जहां वे सहयोग करेंगे और स्थिरता की कुछ सबसे बड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए विचारों का आदान प्रदान करेंगे.
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन,भारत सरकार द्वारा समर्थित है. यह बीआईईएफ विकास अनुसंधान फाउंडेशन के साथ भी साझेदारी है, जो टिकाऊ ग्रामीण विकास, स्वच्छ ऊर्जा और चक्रीय जैव अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में अग्रणी है, नेक्स्ट जेन साइंसेज उदयोग प्रायोजक है.
डब्ल्यूपीयू के विज्ञान एवं पर्यावरण अध्ययन स्कूल द्वारा आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रभारी डीन अनूप काले, डॉ. शिल्पा चापडगाव कर और सहयोगी प्राध्यापक डॉ. मानसी मिश्रा उपस्थित थी.
Monday, September 21
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