बेलूर (mediasaheb.com) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (#Pm_Narendra_Modi ) ने रविवार को कहा कि यह उनकी जिम्मेदारी है कि वह नागरिकता संशोधन कानून के बारे हर युवा को मनायें, उन्हें संतुष्ट करें और उनके मन का भ्रम दूर करें।
श्री मोदी ने राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर कहा कि युवाओं को इस कानून के बारे में समझाना उनकी जिम्मेदारी है उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकता संशोधन अधिनियम नागरिकता छीनने का कानून नहीं है, यह नागरिकता देने का कानून है। नागरिकता संशोधन अधिनियम (#CAA ) महज एक संशोधन है जो विभाजन के बाद के पाकिस्तान में अपने धार्मिक विश्वास के कारण अत्याचार और उत्पीड़न सहने वालों को भारत की नागरिकता देने में आसानी के लिए किया गया है।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी (#Mahatma_Gandhi ) सहित कई नेताओं ने भी इस बात का समर्थन किया था ।इसके अलावा, आज भी, किसी भी धर्म का व्यक्ति, चाहे वह ईश्वर में विश्वास करता हो या नहीं लेकिन यदि भारत के संविधान में विश्वास करता है तो वह निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत भारत (#India ) की नागरिकता ले सकता है।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने सीएए (#CAA ) के कारण पूर्वोत्तर की जनसांख्यिकी पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव से निपटने के लिए प्रावधान भी किये हैं। इस तरह की स्पष्टता के बावजूद, कुछ लोग अपने राजनीतिक कारणों से नागरिकता संशोधन अधिनियम के बारे में लगातार भ्रम फैला रहे हैं।
उन्होंने कहा, “यदि नागरिकता कानून (#CAA ) में इस संशोधन से विवाद नहीं हुआ होता तो दुनिया को यह पता भी नहीं चलता कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के खिलाफ किस तरह के अपराध हुए हैं। कैसे मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। यह हमारी पहल का ही नतीजा है कि अब पाकिस्तान (#Pakisthan ) को जवाब देना होगा कि उसने 70 साल में वहां अल्पसंख्यकों के खिलाफ अपराध क्यों किये।”
श्री मोदी स्वामी विवेकानंद जयंती और राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर बेलूर मठ में थे। उन्होंने मठ में भिक्षुओं के साथ बातचीत भी की।(वार्ता)


