नई दिल्ली, (mediasaheb.com)। राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण ने निष्पक्ष व्यापार नियामक सीसीआई से बुधवार को कहा कि वह फ्लिपकार्ट #Flipkart के खिलाफ कथित रूप से प्रभावशाली स्थिति का उपयोग करने को लेकर जांच शुरू करे। कैट ने एनसीएलटी के इस फैसले का स्वागत करते हुए सीसीआई से इसकी जांच तुरंत शुरू करने की मांग की है।
एनसीएलएटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एस जे मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने इस संबंध में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के पिछले आदेश पर भी रोक लगा दी। गौरतलब है कि इससे पहले सीसीआई ने अपने पिछले आदेश में ई-कॉर्मस क्षेत्र की बड़ी कंपनी फ्लिपकार्ट को प्रभावशाली स्थिति का उपयोग कर अनुचित व्यवहार के आरोप से दोषमुक्त कर दिया था।
गौरतलब है कि अपीलीय न्यायाधिकरण ने सीसीआई को निर्देश दिया कि वह अपने महानिदेशक से आरोपों की जांच करने के लिए कहे। इसके साथ ही पीठ ने यह भी कहा कि हम सीसीआई के आदेश पर रोक लगा रहे हैं। पीठ ने कहा कि सीसीआई को फ्लिपकार्ट के खिलाफ जांच शुरू करने का निर्देश दिया जाता है।
उल्लेखनीय है कि एनसीएलएटी ने अपने आदेश में कहा है कि अखिल भारतीय विक्रेता संघ ने अपना पक्ष अच्छी तरह रखा है। सीसीआई ने छह नवंबर, 2018 को आदेश जारी कर कहा था कि ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट और अमेजन ने प्रतिस्पर्धा नियमों का उल्लंघन नहीं किया है और प्रभावशाली स्थिति के दुरुपयोग के एआईओवीए के आरोपों को खारिज कर दिया था।
कैट ( #CAIT ) के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने एनसीएलटी के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि एनसीएलटी का ये फैसला व्यापारियों के इस दावे को साबित करता है कि ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट भारत सरकार के नियमों का उल्लंघन करती है। इसलिए इसकी तुरंत जांच शुरू की जाए। (हि.स.)


