रायपुर (media saheb.com)। तुलसी जयंती के अवसर पर जगद्गुरु शंकराचार्य आश्रम बोरियाकला में तुलसी जयंती महोत्सव मनाया गया। प्रारंभ में गोस्वामी तुलसीदास जी का सांगोपांग पूजन किया गया तथा रामचरितमानस का पाठ किया गया। डॉक्टर इन्दुभवानन्दजी महाराज ने अपने उद्बोधन में गोस्वामी तुलसीदास जी को बाल्मीकि का अवतार सिद्ध किया। उन्होंने बताया कि बाल्मीकि जी ने भगवान राम को पूर्णब्रह्म परमात्मा के रूप में अपने काम में चित्रित नहीं किया था। अतः भगवान शंकर ने बाल्मीकि को पुनः मृत्युलोक में तुलसी के रूप में अवतार लेने का आदेश दिया और कहा कि भगवान राम को पूर्ण ब्रह्म परमात्मा हैं। अतः आप अपने काव्य में भगवान राम के ब्रह्म रूप को सिद्ध कीजिए, बाल्मीकि जी तुलसी के रूप में आए और उन्होंने रामचरितमानस जैसा कालजयी अमूल्य ग्रंथ हम लोगों को प्रदान किया, सनातन समाज गोस्वामी तुलसीदास जी का ॠणी है।
कार्यक्रम में आचार्य धर्मेंद्र, दीपक द्विवेदी, नरसिंह चंद्राकर तथा संस्कृत विद्यालय के समस्त छात्र गण उपस्थित थे।For English News : the states.news

