रोज़गार, पौष्टिक भोजन, शिक्षा, उत्तम स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जंग जारीः नवीन जिन्दल
- मेट्रो-ट्रेन, मोनो-रेल के लिए स्वदेशी पटरियां बनाने वाली एकमात्र भारतीय कंपनी ; कोविड-19 से विश्व अर्थव्यवस्था बदहाल, जेएसपीएल ने निर्यात बढाया
- राष्ट्रध्वज-तिरंगा; देशभक्ति, एकता और बलिदान का सर्वोच्च प्रतीक
रायपुर, (mediasaheb.com) । कुरुक्षेत्र के पूर्व सांसद एवं जेएसपीएल के चेयरमैन नवीन जिन्दल ने आजादी की 74वीं वर्षगांठ पर देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि भारत ने काफी तरक्की की है, कई क्षेत्रों में हमें बहुत सफलता मिली है लेकिन अभी भी रोजगार की कमी, भरपेट पौष्टिक भोजन न मिलना, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से हम जूझ रहे हैं और भावी पीढ़ी को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की हमारी जंग जारी है।
आजादी की लड़ाई में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और देश की सीमा की रक्षा में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि हमारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा देशभक्ति, एकता और बलिदान का सर्वोच्च प्रतीक है। इस अवसर पर हम संकल्प लें कि एक अच्छा नागरिक बनकर हम देश की आर्थिक, सामाजिक तरक्की में अपना योगदान देंगे। यहां मंदिर हसौद स्थित जेएसपीएल के मशीनरी डिवीजन में स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित समारोह में कोविड-19 महामारी से बचाव की तमाम सावधानियों के बीच ध्वजारोहण किया गया जिसमें प्लांट हेड अरविंद तगई ने चेयरमैन नवीन जिन्दल का संदेश पढ़ा।
श्री जिन्दल ने अपने संदेश में कहा कि जेएसपीएल ने हाई स्पीड ट्रेनों के लिए हेड हार्डेंड रेल पटरियों का निर्माण कर देश को आत्मनिर्भर बनाने का काम किया है। कोलकाता मेट्रो की जोका-एस्पालानेड लाइन के लिए रेल विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से जेएसपीएल ने अपने दायित्व का निर्वहन शुरू भी कर दिया है। इसके साथ ही स्वदेशी पटरियों पर मेट्रो ट्रेन दौड़ने लगेंगी। अभी तक सिर्फ विदेशी कंपनियों की पटरियों का इस्तेमाल मेट्रो रेल में होता था। जेएसपीएल भारत की एकमात्र कंपनी है जो हाई स्पीड ट्रेन, मेट्रो और मोनो रेल के लिए हेड हार्डेंड रेल तैयार करती है।उन्होंने कहा कि कंपनी “स्वस्थ परिवार-सुखी संसार” में विश्वास करती है क्योंकि एक स्वस्थ नागरिक ही राष्ट्र निर्माण में योगदान कर सकता है। इसलिए वह लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैला रही है।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है लेकिन जेएसपीएल ने इस चुनौती के बीच भी निर्यात के माध्यम से कारोबार आगे बढ़ाने का एक रास्ता निकाला है। उन्होंने संकट की इस घड़ी में निष्ठा और समर्पण से कार्य करने वाले रायगढ़, तमनार, पूंजीपथरा, रायपुर, अंगुल, बड़बील, टेंसा और पतरातू के कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया और विश्वास जताया कि आने वाले समय में जेएसपीएल राष्ट्र निर्माण के अपने प्रयासों में और सफलताएं हासिल करेगा।
उन्होंने कहा कि शालू जिन्दल के नेतृत्व में जेएसपीएल फाउंडेशन प्लांटों के आसपास जरूरतमंदों की हरसंभव मदद कर रहा है। मिशन जीरो हंगर के तहत छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और दिल्ली में जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराया गया है और दो लाख से अधिक लोगों को कोविड-19 से बचाव की सामग्रियां दी गई हैं। संस्थापक चेयरमैन ओपी जिन्दल का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि एमिरेट्स चेयरपर्सन सावित्री जिन्दल के मार्गदर्शन में उनका प्रयास है कि प्लांट के आसपास के लोगों के विकास के लिए जेएसपीएल सदैव समर्पित रहे। राष्ट्र निर्माण, इनोवेशन और स्थायी विकास जेएसपीएल के संकल्पों में शामिल है। #74th_ anniversary_of_independence #Chhattisgarh #Jharkhand #Odisha #Delhi
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