नयी दिल्ली (mediasaheb.com)
मौसम में
आये बदलाव ने प्राकृतिक औषधीय गुणों के कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने में कारगर
तुलसी को भारी नुकसान पहुंचाया है वहीं कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए
लोगों में इसके पौधे की भारी मांग हो रही है ।
इस बार कड़ाके की ठंड और सामान्य से अधिक
दिनों तक इस बार सर्द मौसम के बने रहने तथा अधिक वर्षा के कारण न केवल राष्ट्रीय
राजधानी बल्कि इससे जुड़े क्षेत्रों और उत्तर प्रदेश में घरों में लगाये गये तुलसी
के पौधे सूख गये हैं । उत्तर प्रदेश के मथुरा , वृन्दावन
और कई अन्य क्षेत्रों में इसकी व्यावसायिक खेती को भी भारी नुकसान हुआ है और इन
क्षेत्रों में इस वर्ष काफी देर से इसके पौधे तैयार हो रहे हैं । पौधों की कमी और
इसकी बढ़ती मांग के चलते इसकी कीमतों में भारी बढोतरी हुयी है। तुलसी का पौधा
अमूमन दस रुपये में मिल जाता था लेकिन इस बार इसकी कीमत 50 रुपये तक
पहुंच गयी है।(वार्ता)
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