त्वचा रोग विशेषज्ञ बनकर अपने होम टाउन में लोगों को दे रहे सेवा
भिलाई(mediasaheb.com) दुर्ग कादंबरी नगर के एक ऐसे शख्स से आपको रूबरू करा रहे हैं जिन्होंने करोड़ों रुपए के फैमिली बिजनेस की जगह डॉक्टर बनने के कठिन रास्ते को चुना। मुनाफा और नुकसान की सोच से परे दिन रात बस कड़ी मेहनत करते चले गए और आज प्रदेश के जाने-माने त्वचा रोग विशेषज्ञ बनकर खुद की काबिलियत का लोहा मनवा रहे हैं। जी हां हम बात कर रहे हैं डॉ. नवीन केशवानी की जिन्हें लोगों की बातों से ज्यादा खुद के फैसले पर भरोसा था। इसी सही फैसले की वजह से शंकरा मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर और खुद की क्लिनिक से अलग पहचान न सिर्फ खुद के परिवार बल्कि समाज में भी बनाई है। बिजनेसमैन फैमिली के पहले डॉक्टर बनने वाले डॉ. नवीन कहते हैं कि दर्द से निजात पाने वाले मरीज की दुआओं ंसे बड़ा दुनिया का कोई धन नहीं है। मुझे सही वक्त पर सही मार्गदर्शन मिला जिसके कारण ही ऊंचाईयों को छू पाया।
एक साल का ड्रॉप लेकर क्वालिफाई किया पीएमटी
डॉ. नवीन ने बताया कि वे बचपन से एवरेज स्टूडेंट थे। जब अचानक डॉक्टर बनने की इच्छा जाहिर की तो सबसे ज्यादा बड़ी बहन ने घर में सपोर्ट किया। 12 वीं बोर्ड के बाद एक साल का ड्रॉप लेकर मेडिकल एंट्रेस की तैयारी की। शुरूआत में सिलेबस को लेकर थोड़ी दिक्कत हुई पर मन में ठान लिया था कि डॉक्टर बनकर ही घर जाना है इसलिए कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। साल 2005 में सीजी और सीबीएसई दोनों पीएमटी क्वालिफाई कर लिया। रायपुर मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेकर खुद के सपनों को नई उड़ान दी। पीजी के बाद प्रैक्टिस के लिए होम टाउन को चुना ताकि अपने लोगों की सेवा कर सकूं।
सचदेवा में आकर मिला सही गाइडेंस
डॉ. नवीन ने बताया कि सचदेवा के सही गाइडेंस के बिना पीएमटी क्वालिफाई करना मुश्किल था। जब एक साल का ड्रॉप लेकर मैं कोचिंग पहुंचा तो तब सही मायने में किस तरह डॉक्टर बनते हैं ये समझ आया। सचदेवा के टीचर्स ने न सिर्फ सब्जेक्ट्स बल्कि मन में उठ रहे सवालों का भी सही समय पर निराकरण किया। सचदेवा न्यू पीटी कॉलेज के डायरेक्टर चिरंजीव जैन सर कोचिंग में आने वाले हर बच्चे को मोटिवेट करते थे। मैं सचदेवा को ऐसा इंस्टीट्यूट मानता हूं जिसने न सिर्फ अच्छे डॉक्टर्स प्रोड्यूज किए बल्कि खुद की सफलता पर आशंकित बच्चे को मंजिल तक पहुंचाया। एक क्वालिटी डॉक्टर तैयार करने में चिरंजीव जैन सर बहुत बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।
हार्ड और स्मार्ट वर्क से मिलेगी सफलता
नीट की तैयारी कर रहे बच्चों से कहना चाहूंगा कि सिर्फ हार्ड वर्क से बात नहीं बनेगी। आज के जमाने में आपको स्मार्ट वर्क भी करना होगा। टाइम टेबल बनाकर खुद के लिए समय बचाना होगा जिससे आप ज्यादा से ज्यादा रिविजन कर सकें। हमेशा खुद के लक्ष्य पर फोकस रहें। घूमने-फिरने के हजार मौके मिलेंगे लेकिन सफल होने के मौके बहुत कम मिलते हैं। इसलिए सबकुछ भूलकर सिर्फ पढ़ाई करो। एक दिन आपकी भी सक्सेस स्टोरी लिखी जाएगी।(the states. news)

