सर्वाधिक पीड़ित राजनांदगांव सेदूसरे और तीसरे नंबर पर बिलासपुर और दुर्ग
रायपुर(mediasaheb.com) अव्यवस्थित दिनचर्या और खानपान की वजह से पेट की समस्या से हर कोई जूझ रहा है। हालात यह है कि अस्पतालों की प्रतिदिन ओपी़डी में ही हर 10 में से 6 व्यक्ति पेट की बीमारी के शिकार मिल रहे हैं। इसकी सत्यता जीवीके संजीवनी 108 के आंकड़ों के देखकर लगाई जा सकती है। एक साल (अप्रैल 2018 से मार्च 2019) में संजीवनी 108 एंबुलेंस की सेवा के जरिए 28,959 एक्यूट एब्डोमिन रिलेटेड केस यानि पेट की समस्या वाले गंभीर मरीज अस्पताल पहुंचे हैं।
साल भर के आंकड़ों पर नजर डालें तो पेट की शिकायत वाले सर्वाधिक मरीज प्रदेश के राजनांदगांव जिले से हैं। वहीं दूसरे और तीसरे स्थान पर क्रमशः बिलासपुर और दुर्ग जिला शामिल है। इन जिलों के पेट की शिकायत से ग्रसित मरीजों को जिलों के स्वास्थ्य केन्द्र व सरकारी अस्पतालों में पहुंचाने का कार्य संजीवनी ने किया है।
विशेषज्ञ का है कहना
एमडी मेडिसीन डॉ. आशीष दुबे का कहना है कि अव्यवस्थित दिनचर्या का असर हमारे शरीर पर सबसे ज्यादा होता है। विशेषकर ठीक तरह से सुपोषित खान-पान नहीं करने का प्रभाव हमारे शरीर पर फौरन होता है। बहुत देर पेट खाली रहने, तेल-मसाले वाले भोज्य पदार्थ खाने की वजह से पेट में गैस समेत कई तरह की पेट की समस्या देखने को मिल रही है। इसलिए लोगों को सुपाच्य भोजन करना चाहिए। साथ ही कोशिश करनी चाहिए की पेट ज्यादा देर तक खाली नहीं रहे।
शुरूआत से अब तक कि स्थिति
असिस्टेंट मैनेजर जीवीके 108 संजीवनी एक्सप्रेस शिबु कुमार ने बताया कि 27 जिलों और 146 ब्लॉक तक , 239 एंबुलेंस के जरिए सेवा दी जा रही है। 25 जनवरी 2011 से संजीवनी 108 सेवा शुरू हुई जो निरंतर जारी है। शिबू कुमार के अनुसार विभिन्न बीमारियों से पीड़ितों के लिए अस्पताल पहुंच सेवा की स्थिति देखी जाए तो 108 की शुरूआत से अब तक यानि जनवरी 2011 से मार्च 2019 तक 2.78 लाख एक्यूट एब्डोमिन यानि पेट की समस्या वालों को अस्पताल पहुंचाया गया है। वहीं 2.8 लाख प्रेग्नेंसी रिलेटेड यानि गर्भावस्था की समस्या वाले और 61042 कार्डियक या कार्डियो वस्कुलर पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाया है।
पेट की समस्या से पीड़ित जो पहुंचे अस्पताल – राजनांदगांव-2420, बिलासपुर-2141, दुर्ग-2077, वस्तर-1977, रायपुर-1831, बलरामपुर-1406, कोरिया- 1360, उत्तर बस्तर कांकेर- 1255, सरगुजा- 1176, बालोद- 1111, जशपुर- 1082, जांजगीर-चांपा- 1013, सूरजपुर-1010 तथा कोरबा-985
अन्य बीमारी से पीड़ितों की स्थिति- प्रेग्नेंसी रिलेटेड केस को देखें तो बिलासपुर-1427, जांजगीर-चांपा-1064, राजनांदगांव-1020, दुर्ग-1008 तथा रायपुर-828 को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैय्या कराने अस्पताल पहुंचाया। वहीं कार्डियक, कार्डियो वस्कुलर वाले केस देखें तो रायपुर-953, दुर्ग-892, बिलासपुर-795, राजनांदगांव-793 तथा धमतरी- 417 लोगों को बेहतर सेवा के दिलाने अस्पताल पहुंचाया।


