लखनऊ
सावन 30 जुलाई से शुरू होने वाला है। इसको लेकर कांवड़ यात्रा को तैयारियां तेज हैं। यूपी में प्रमुख सचिव, नगर विकास विभाग पी.गुरुप्रसाद ने कांवड़ यात्रा-2026 की तैयारियों की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को विस्तृत निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निकाय स्तर से कांवड़ यात्रा वाले मार्गों पर साफ-सफाई की लाइव मानीटरिंग डीसीसीसी (कमांड सेंटर व जिला नियंत्रण कक्ष) के माध्यम से की जाएगी। इसके साथ ही प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग पर शिकंजा कसा जाएगा।
प्रमुख सचिव ने बैठक में कांवड़ यात्रा वाले मार्गों पर साफ-सफाई का विशेष अभियान चलाने और पेयजल के समुचित प्रबंध सुनिश्चित किए जाने का निर्देश दिया। कहा कि कांवड़ यात्रा में बने शिविरों में प्लास्टिक का उपयोग न किया जाए। नगरीय निकायो में स्थित शिवालयों और कांवड़ यात्रा मार्ग पर सफाईकर्मियों की तैनाती की जाए और रोजाना साफ-सफाई कराई जाए। यात्रा के मार्गों और शिविर स्थलों पर आवश्यकता के अनुरूप पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी
शौचालयों में दिन में न्यूनतम दो बार अवश्य साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन हो। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म कार्य योजना बनाकर निकायों में तथा कांवड़ यात्रा मार्ग क्षेत्र में ब्लीचिंग पाउडर, मैलाथियान डस्ट चूना का नियमित छिड़काव भी सुनिश्चित किया जाएगा। प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग तथा प्लास्टिक अथवा थर्मोकोल से निर्मित एक बार उपयोग के पश्चात निस्तारण योग्य कप, गिलास, प्लेट, आदि के विरूद्ध विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। कहा कि आने वाले त्योहारों को जीरो प्लास्टिक इवेंट और जीरो वेस्ट इवेंट के रुप में मनाया जाना है। प्लास्टिक के उत्पादों और प्लास्टिक बैग के नुकसान के बारे में नागरिको को जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कांवड़ यात्रा मार्गों पर झाड़ियों की कटाई-छटाई, नाले-नालियों की साफ-सफाई, बेसहारा पशुओं को पकड़ने समेत अन्य निर्देश भी दिए।
कांवड़ यात्रा के दौरान बिजली आपूर्ति और सुरक्षा के प्रति बरतें सावधानी
वहीं ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव और पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने मंगलवार को कांवड़ यात्रा के दौरान बिजली आपूर्ति और सुरक्षा के प्रति विशेष सावधानी बरतने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक व धार्मिक स्थलों पर इस लिहाज से मरम्मत के काम करवा लिए जाएं। मंदिर व आयोजकों को भी सुरक्षा के प्रति सावधान किया जाए। डॉ. गोयल ने मंगलवार को समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि आपूर्ति बेहतर रखी जाए और सुनिश्चित किया जाए कि लोगों को सही समय पर बिजली बिल मिले। बरसात में अगर बिजली फॉल्ट होते हैं तो उन्हें कम से कम समय में ठीक करवा लिया जाए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा की तैयारियों के पहले जनप्रतिनिधियों से भी संपर्क किया जाए। उन्हें भी बताया कि वे लोगों को जागरूक करें। अध्यक्ष ने कहा कि बरसात में बिजली दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि सुरक्षा उपकरणों के बिना मरम्मत का काम न किया जाए।


