मरीज को तत्काल आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। हालत की गंभीरता को देखते हुए लंबे समय तक सांस की सहायता की आवश्यकता पड़ी, जिसके कारण बीच में मरीज की ट्रेकियोस्टॉमी भी की गई। यह समय मरीज और उसके परिजनों के लिए बेहद पीड़ादायक और भावनात्मक रहा, लेकिन Om Hospital Saraipali की मेडिकल टीम ने हर परिस्थिति में उम्मीद नहीं छोड़ी। लगातार 45 दिनों तक डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल टीम की अथक मेहनत, समर्पण और मानवीय संवेदनशीलता के चलते मरीज की हालत में धीरे-धीरे सुधार हुआ। अंततः मरीज को पूरी तरह सुरक्षित अवस्था में डिस्चार्ज कर दिया गया।
इस इलाज की सबसे प्रेरणादायक बात यह रही कि शिवा निषाद का संपूर्ण उपचार आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Card) के अंतर्गत सफलतापूर्वक किया गया, जिससे परिजनों पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं पड़ा। यह घटना साबित करती है कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाएँ जरूरतमंदों के लिए वास्तव में जीवनदायिनी साबित हो रही हैं। यह सफलता न केवल एक मरीज की ज़िंदगी बचने की कहानी है, बल्कि Om Hospital Saraipali की उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जहाँ इलाज के साथ-साथ इंसानियत और सेवा भाव को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है।


