ग्वालियर
मातृत्व का सम्मान और माताओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए जेएएच एवं सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में अब ब्रेस्ट फीडिंग कॉर्नर (स्तनपान कक्ष) स्थापित किए जाएंगे। इन कक्षों का उद्देश्य अस्पताल में कार्यरत ऐसे महिला कर्मचारी/अधिकारी, मरीज, अटेंडर जो नवजात शिशु को स्तनपान करा रही हैं, उन्हें अपने नवजात शिशुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और निजी वातावरण में स्तनपान कराने की सुविधा प्रदान करना है। जीआरएमसी के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए कहा कि मातृत्व केवल एक जैविक प्रक्रिया नहीं, बल्कि भावनाओं, जिम्मेदारियों और स्नेह का प्रतीक है। इसके साथ ही चिकित्सालय में आने वाली माताओं के गरिमा व सम्मान के लिए आवश्यक है कि माताओं को खुले या असुविधाजनक स्थानों पर अपने बच्चों को दूध पिलाने की विवशता नहीं होनी चाहिए।
डॉ. धाकड़ ने निर्देश दिए हैं कि यह सुविधा जल्द से जल्द चालू हो, ताकि किसी भी मां को अस्पताल में असहज परिस्थितियों का सामना न करना पड़े। इसलिए ब्रेस्ट फीङ्क्षडग कॉर्नर में आरामदायक बैठने की व्यवस्था, स्वच्छता, गोपनीयता और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जिससे माताएं बिना किसी झिझक और असुविधा के अपने बच्चों को स्तनपान करा सकें। क्योंकि, स्तनपान न केवल शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए आवश्यक है, बल्कि यह मां और बच्चे के बीच गहरे भावनात्मक संबंध को भी मजबूती देता है।
Monday, June 15
Breaking News
- झारखंड में कमर्शियल पायलट ट्रेनिंग शुरू, 15 छात्रों का ग्राउंड प्रशिक्षण दुमका स्टेट हैंगर में
- TMC में बड़ी टूट का दावा, 64 विधायक और 20 सांसदों के अलग गुट में जाने की खबर
- योगी सरकार का उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी खेल केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम
- AI और डेटा सेंटर डिमांड से बढ़ी मेमोरी चिप्स की जरूरत, भारत बनेगा बड़ा सेमीकंडक्टर हब
- इंग्लिश चैनल में ब्रिटेन का बड़ा एक्शन, रूस के ‘शैडो फ्लीट’ तेल टैंकर को पहली बार रोका
- SIPRI रिपोर्ट में खुलासा, ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान की परमाणु रणनीति पर सवाल
- हरिद्वार मेले के लिए 4 स्पेशल ट्रेनें, बरेली होकर गुजरेंगी दो ट्रेनें
- भारत-फ्रांस साझेदारी मजबूत, पीएम मोदी ने ‘भारत इनोवेट्स’ लॉन्च को बताया नवाचार का नया मंच
- निपुण भारत मिशन को मिलेगा नया बल, 58 जिलों के 232 संदर्भदाताओं को योगी सरकार देगी विशेष प्रशिक्षण
- बिहार में मानसून की एंट्री के संकेत, मुजफ्फरपुर से गुजर रही मानसून की उत्तरी सीमा


