- स्वामी विवेकानंद का निवास स्थान रहा रायपुर का प्राचीन डे भवन अंतर्राष्ट्रीय स्मारक के रूप में होगा विकसित
- मुख्यमंत्री ने ’डे-भवन’ के जीर्णाेंद्धार कार्याें का किया शिलान्यास
- स्वामी विवेकानंद ने पूरी दुनिया को दिखाई मानव सेवा की राह
- राजीव युवा मितान क्लबों को 19.14 करोड़ रूपए की राशि वितरित
रायपुर (mediasaheb.com)| कार्यक्रम की अध्यक्षता रामकृष्ण मिशन विवेकानंद शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थान, बेलूर पश्चिम बंगाल के कुलपति स्वामी सर्वाेत्तमानंद जी महाराज ने की। खाद्य और संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत, संसदीय सचिव विकास उपाध्याय, भूतनाथ डे चेरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. एच.एस. उपाध्याय, विधायकगण सत्यनारायण शर्मा, कुलदीप जुनेजा, नगर निगम के महापौर एजाज ढेबर, सभापति प्रमोद दुबे विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्वामी आत्मानंद, स्वामी सत्यरूपानंद, स्वामी निखिलात्मानंद जी का डे भवन को स्मारक के रूप में विकसित करने का जो सपना अधूरा रह गया था, आज साकार होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस भवन में संचालित स्कूल को लगभग ढ़ाई करोड़ रूपए की लागत से निर्मित नये भवन में स्थानांतरित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को उठो, जागो और लक्ष्य को हासिल करो का संदेश दिया था। युवाओं को रूकना, थकना नही है, निरंतर आगे चलना है, जिससे लक्ष्य हासिल हो सके। वे क्रांतिकारी विचारक थे। उन्होंने कहा था कि युवाओं को धर्म की घुट्टी पिलाने की जगह मैं उन्हें फुटबाल के मैदान में देखना पसंद करूंगा। तत्कालीन भारत में अशिक्षा और भुखमरी का बोल बाला था। उनका कहना था कि लोगों को पहले शिक्षा, भोजन और रोजगार दिलाया जाए। उसके बाद धर्म और मोक्ष की बात हो। उन्होंने कहा था कि आधुनिक युग में वह नास्तिक है, जिसका खुद पर विश्वास नही है। उन्होंने शिव भाव से जीव की सेवा करने का संदेश दिया। मानव सेवा से ही ईश्वर की सेवा हो सकती है।