रायपुर (mediasaheb.com)| मैट्स स्कूल ऑफ़ फैशन डिज़ाइन एंड टेक्नोलॉजी, मैट्स यूनिवर्सिटी रायपुर में उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया कार्यक्रम का शुभारम्भ मैट्स यूनिवर्सिटी क़े कुलपति – श्री गजराज पगारियाजी, उपकुलपति प्रोफेसर के॰ पी॰ यादव प्रति उपकुलपति श्रीमती दीपिका ढांडजी, महानिदेशक श्रीमान प्रियेश पगारियाजी, कुलसचिव गोकुलानंदा पंडाजी, फैशन डिजाइनिंग एंड टेक्नोलॉजी की विभागाध्यक्ष श्रीमती परविंदर कौर जी एवं मैट्स यूनिवर्सिटी के दूसरे विभाग के विभागाध्यक्ष और विध्यार्थीयों द्वारा सरस्वती माँ की पुजा आराधना से हुआ । इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री मान लोकेश परगनीहा जी ,उप निदेशक एमएसएमई-डीआई, रायपुर रहे साथ ही विशेषज्ञयो ने भी कार्यक्रम मे उपस्थित होकर कार्यक्रम को प्रभावशाली बनाया उनमे है श्री मान उमेश प्रसाद, सहायक निदेशक, एमएसएमई-डीआई, रायपुर, श्री बिपिन कोठारी, उद्योगपति (मिस शीतल सिरेमिक्स, रायपुर), श्री अमित रंजन, लीड बैंक (बीओबी) रायपुर, श्री अमेय त्रिपाठी, प्रबंधक-सहायक। निदेशक, डीटीआईसी, रायपुर सभी अतिथियो का आदर और ससम्मान स्वागत किया गया । कार्यशाला की शुरुवात श्री मान लोकेश परगनीहा जी ने किया कार्यशाला का उद्देश्य विध्यार्थियों के लिए सरकार के योजनाओ और नीति नियमो को बताते हुये किया, उन्होंने बताया की कैसे सरकार की विभिन योजनाओ का फायदा लिया जा सकता है कैसे अपने कौशल और नए आइडिया को सरकार तक पहुचाना है और छोटे से बड़े व्यवसाय की शुरवात सरकार की मदद से किया जा सकता है इंडस्ट्री की वास्तविकता के बारे मे बताया की कैसे मजदूर और मैन पावर का इस्तेमाल किया जाता है व्यवसाय और उद्यमिता के बहुत सारे विकल्प के बारे मे साझा किया

श्री मान उमेश प्रसाद जी ने भारतीय आर्थिक गतिविधियों के बारे मे बताया और बैंक और पोस्ट ऑफिस स्कीम के और इनके कम करने प्रक्रिया के बारे मे बताए हुए कहा की इन संस्थाओं की सहायता से कैसे व्यवसाय की शुरुवात कर सकते है |श्री बिपिन कोठारी, उद्योगपति (मिस शीतल सिरेमिक्स, रायपुर), जी ने अपने जीवन का अनुभव और आदर्शों के बारे मे बताया की टीम के साथ कैसे रहना चाहिए वफादार और अपनापन का महोल बनाया रखने का सलाह दिया , उत्पाद की गुनवता को जितना हो सके अच्छा रखने को कहा। उन्होंने ने अपने व्यावसायिक जीवन के एक्सपीरियंस को स्टूडेंट्स के साथ साझा किया। श्री अमित रंजन, लीड बैंक (बीओबी) जी बैंक के आंतरिक प्रक्रिया के बारे मे बताया और कुछ प्रश्नो के साथ स्पीच को रुचिपुर्ण बनाया और बैंक के योजनाओ के बारे मे बताया श्री अमेय त्रिपाठी, प्रबंधक-सहायक ने चुनौतियों को अवसर के रूप मे कैसे उपयोग करना है संछिप्त मे उदाहरण के माध्यम से बताया है और कहा की विशेष रूप से स्किल के अपडेट करते रहने का सलाह दिया
विभागाध्यक्ष श्रीमती परविंदर कौरजी ने कहा की पूरी मेहनत और लगन से पढ़ाई करने से कैरियर के बहुत सारे अलग अलग विकल्प मिलते हैअंत मे समस्त अतिथियों ने विध्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कार्यशाला को सफलता पूर्वक सम्पन्न किया


