पुण्यतिथि
महानायिका सुचित्रा सेन..
बिलासपुर (mediasaheb.com)| बंगाल में लोकप्रियता का अंदाज़ इस बात से लगाइये की उन का घर, उन के कपड़े, उनसे जुड़ी विभिन्न वस्तुओं को किसी महान नेता की स्मृति सम सहेज़ कर रखा गया है,पूरे भारत में या विश्व में इतना प्यार, सम्मान किसी अभिनेत्री को नहीं मिला.. बांग्लादेश में उनके पैतृक नगर पाबना में सुचित्रा सेन मेमोरियल म्यूजियम है |
श्वेत श्याम फिल्मो के युग में सबसे बड़ा जादू था बंगाल का ये जादू । सुचित्रा सेन और उत्तम कुमार का जादू। कुछ बेहतरीन पुराने चित्र जिसमे आप सुचित्रा सेन का अद्भुत सौंदर्य जिसमे सम्मोहन है, दैविक आभा है देख सकते है।
उत्तम कुमार व् सुचित्रा सेन के सम्मोहन को समझने के लिए शायद आपका बंगाली होना या बंगाल के प्रति संवेदनशील होना आवश्यक है । बंगाल कहने से मेरा तात्पर्य पूरे उस क्षेत्र से है जहाँ बांग्ला बोली और समझी जाती है। पश्चिम बंगाल ,ओडिशा ,बांग्लादेश ,आसाम और झारखण्ड के कुछ इलाके या फिर बनारस और मेरे गृहनगर बिलासपुर जहाँ प्रवासी बांग्ला भाषी बसते है । खैर इस जोड़ी ने एक पूरी पीढ़ी के दिलो पर राज किया है । सुचित्रा सेन के लिए कहा जाता है वे आँखों से अभिनय करती थी । क्लोज़ अप शॉट में सबसे सुंदर लगी ,बेमिसाल खूबसूरती मानो कोई देवकन्या, एक गरिमामय छबि । हम सुचित्रा सेन को उनकी हिन्दी फिल्म आंधी व देवदास के लिए याद कर सकते है , उनके अविस्मरणीय अभिनय के लिये । किन्तु उत्तम कुमार हिंदी फिल्मों में सफल नहीं हो पाए। यही बात सुचित्रा सेन के लिए भी कही जा सकती है ।महान कथाकार बिमल मित्र ने उत्तम कुमार के लिए जो कहा वो उनके बड़े कद को दर्शाता है ।ताराशंकर की कथा पर बनी फिल्म सप्तपदी (१९६१) इस जोड़ी की सुपर डुपर हिट फिल्म। अरे साहब! पूरा बंगाल दीवाना हो गया , ब्राम्हण लड़के और क्रिश्चन लड़की की ये प्रेमकथा और बाइक पर उत्तम कुमार व सुचित्रा पर फिल्माया ,हेमंत दा का गाया एई पॉथ जोड़ी ना शेष होय तोबे केमोन होतो तुमि बालोतो .…. ये गाना बेस्ट एन एवर ग्रीन रोमांटिक गाना है जो समय की परिधि से बाहर है । इस जोड़ी

