नई दिल्ली
ऑनलाइन धोखाधड़ी पर लगाम लगाने और डिजिटल पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से दूरसंचार विभाग (DoT) ने मोबाइल नंबर वैलिडेशन (MNV) से जुड़ा एक नया मसौदा नियम तैयार किया है। प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, अब मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन के लिए सभी संस्थाओं को DoT के प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करना होगा और हर वेरिफिकेशन पर शुल्क भी देना होगा।
डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन का यह प्रस्ताव कहता है कि बैंक, फिनटेक और अन्य डिजिटल सेवाएं अब यूजर के मोबाइल नंबर को वेरिफाई करने के लिए केवल DoT के प्लेटफॉर्म का उपयोग करेंगी। बैंकों को प्रति वेरिफिकेशन ₹1.50 और अन्य संस्थाओं को ₹3 खर्च करना होगा। फर्जी या संदिग्ध नंबर को 90 दिनों के लिए बंद भी किया जा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, देश के करोड़ों परिवारों के पास एक ही मोबाइल होता है, जिसका उपयोग पूरा परिवार करता है — पेंशन देखने से लेकर डिजिटल शिक्षा और बैंकिंग तक। ऐसे में अगर हर खाते के लिए अलग मोबाइल नंबर की अनिवार्यता होती है, तो ग्रामीण और निम्नवर्ग डिजिटल सेवाओं से कट जाएंगे।
Tuesday, October 13
Breaking News
- MP Weather: 15-16 अक्टूबर को ग्वालियर-चंबल में बारिश के आसार, भोपाल-इंदौर में रातें होंगी ठंडी
- गांधीनगर नगर निगम चुनाव में BJP की बड़ी जीत, 44 में से 38 सीटों पर कब्जा; कांग्रेस को मिलीं 5 सीटें
- सड़क हादसे में घायलों की मदद करने वालों को मिलेगा सम्मान, यूपी में 27 राहवीरों को पुरस्कृत करने की तैयारी
- पारिवारिक हकत्याग की रजिस्ट्री में अभिलाष को मिली 46,846 रुपये की राहत, बचत की पूरी राशि बहनों को दी उपहार में
- झारखंड में अंधविश्वास के शक में दो सगी बहनों की हत्या, आरोपी भाई ने थाने में किया सरेंडर
- बिहार की 1.23 लाख पानी टंकियों पर लगेंगे सोलर पैनल, बिजली खर्च में आएगी कमी
- जनगणना 2027 में पूछे जाएंगे 40 सवाल, 16 नवंबर से स्वगणना और 1 दिसंबर से शुरू होगी गणना
- श्रमिक परिवार की बेटी निकिता के सपनों को मिला संबल, नोनी सशक्तिकरण योजना से पढ़ाई की राह हुई आसान
- यूपी के 68 हजार ग्राम प्रहरियों को सौगात, बढ़ेगा मानदेय; मिलेगा 5 लाख का आयुष्मान कार्ड
- नवरात्र पर यूपीकॉन की नई पहल, उद्यमिता की राह दिखाएगी ‘उद्यमी बडी’


