नई दिल्ली (mediasaheb.com)|रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और वह देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। श्री सिंह ने सोमवार को जम्मू में ‘राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन’ को संबोधित करते कहा कि भारत ने पिछले नौ वर्षों में अपने सुरक्षा परिदृश्य में आमूलचूल बदलाव देखा है। उन्होंने कहा कि 2013-14 में भारत की छवि एक कमजोर राष्ट्र की थी जिसके कारण विभिन्न समस्याएं पैदा हुई लेकिन आज देश में हर खतरे से पार पाने की क्षमता है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के खाके के बारे में विस्तार से बताते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार चार नीति निर्देशक सिद्धांतों पर काम कर रही है ताकि देश सुरक्षा और संप्रभुता के लिए खतरों से निपटने में सक्षम बन सके। इनमें राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर कार्रवाई करना, सब तक प्रगति की लहर को पहुंचाना, लोगों के जीवन में सुधार करना और उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए देश के भीतर सुरक्षित परिस्थितियों का निर्माण करना तथा आतंकवाद जैसी वैश्विक चुनौतियों से एकजुट होकर निपटने के लिए मित्र देशों के साथ एक वातावरण का निर्माण करना शामिल है।
श्री सिंह ने कहा कि सेना को नवीनतम हथियारों तथा आधुनिक प्रौद्योगिकी से लैस करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जा रही है । सशस्त्र बल सीमाओं और समुद्रों की रक्षा करने में पूरी तरह से सक्षम हैं। उन्होंने कहा, ‘हमारा लक्ष्य अपने सशस्त्र बलों को आधुनिक सेनाओं की अग्रिम पंक्ति में लाना है।(वार्ता)
Monday, June 22
Breaking News
- सोमवार को बनेगा बुधादित्य योग का महायोग, भद्र राजयोग से इन 6 राशियों की खुलेगी किस्मत, मिलेगी बड़ी खुशखबरी
- गुना के डायल-112 हीरोज कार दुर्घटना में घायल हुए 5 व्यक्तियों को अस्पताल पहुँचाया
- विगत 10 दिनों में 2 करोड़ 90 लाख रूपए से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ एवं अन्य संपत्ति जब्त
- प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों से गूंजा योग का वैश्विक संदेश, योग अपनाने का लिया गया सामूहिक संकल्प
- विश्व को भारत का अमूल्य उपहार है योग: राष्ट्रपति मुर्मु
- 1000 विशिष्टजन विशेष ट्रेन से करेंगे सोमनाथ धाम की यात्रा, 22 जून को रायपुर से मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 15 हजार से अधिक श्रमिकों ने किया सामूहिक योगाभ्यास
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का ग्वालियर विमानतल पर हुआ आत्मीय स्वागत
- राष्ट्रपति मुर्मु से मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सौजन्य भेंट, स्मृति चिन्हों का हुआ आदान-प्रदान
- भारतीय संस्कृति, परंपरा और भाषाओं के प्रति सम्मान का भाव विकसित करना विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी : राष्ट्रपति मुर्मु


