नई दिल्ली
देश में मौसम का रुख एक बार फिर पूरी तरह बदल चुका है. केरल में दस्तक देने के बाद मानसून ने महाराष्ट्र में अपनी मजबूत एंट्री कर ली है. यह एंट्री भले ही तय समय के आसपास हुई हो, लेकिन इसके असर ने पूरे देश को अलर्ट मोड पर ला दिया है. एक तरफ जहां किसानों के चेहरे पर राहत की उम्मीद दिख रही है, वहीं दूसरी तरफ कई राज्यों में मौसम विभाग की चेतावनियों ने चिंता बढ़ा दी है।
IMD के ताजा अपडेट के मुताबिक आने वाले दिनों में मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा और कई राज्यों को अपनी चपेट में लेगा. अरब सागर से लेकर बंगाल की खाड़ी तक मौसम प्रणाली सक्रिय हो चुकी है, जिसका सीधा असर उत्तर, पूर्व और दक्षिण भारत में देखने को मिलेगा।
अल-नीनो की परिस्थितियों के बावजूद दक्षिण-पश्चिम मॉनसून मूसलाधार बारिश करवाता हुआ तेजी से आगे बढ़ रहा है। मॉनसून अब महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पूर्वोत्तर के सभी राज्यों को कवर कर चुका है। मौसम विभाग ने कहा है कि आने वाले सात दिन कई राज्यों पर भारी पड़ सकते हैं। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, सिक्किम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, नागालैंड, मेघालय और पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं IMD ने उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली में भी पश्चिमी विक्षोभ के असर और बारिश का अलर्ट जारी किया है। 11 से 12 जून तक उत्तर भारत में बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है।
इन राज्यों में होने वाली है मॉनसून की एंट्री
मॉनसून अब तेजी से आगे बढ़ते हुए पूर्वोत्तर के राज्यों के बचे हुए हिस्से को कवर करने वाला है। वहीं दो से तीन दिन में ही यह ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल को भी पूरी तरह से कवर कर लेगा। रिपोर्ट के मुताबिक 5 जुलाई तक मॉनसून पूरे देश को कवर करेगा। महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भी मॉनसून पहुंच चुका है और झमाझम बारिश हो रही है।
पश्चिमी विक्षोभ कराएगा बारिश
मौसम विभाग के अपडेट के मुताबिक पश्चिमी हिमालयी इलाके में सक्रिय होने वाला पश्चिमी विक्षोभ अगले तीन से चार दिन में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भी बारिश करवाने वाला है। इन राज्यों में 9 से 14 जून तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अलावा 10 से 14 जून के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी राजस्थान में भी बारिश हो सकती है।
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान में 11 और 12 जून को तेज हवाओँ के साथ बारिश हो सकती है। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में 11 और 12 जून को धूलभरी आंधी चल सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक हवाओँ की गति 50 से 60 किमी प्रतिघंटे तक पहुंचने की संभावना है।
यूपी-बिहार का मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक 10 से 14 जून के बीच उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर शुरू होगा। इसके अलावा मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 9 से 14 जून के बीच मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। 10 जून के बाद बिहार के पटना, सिवान, भागलपुर, मुंगेर जिलों में मध्यम बारिश हो सकती है। झारखंड, बिहार और गंगा के आसपास के क्षेत्रों में 10 से 15 जून के बीच आंधी के साथ तेज बारिश की संभावना है।
दिल्ली का मौसम
आईएमडी के अनुसार, हालांकि बारिश से कुछ स्थानों पर थोड़ी राहत मिली। सुबह साढ़े आठ बजे तक 24 घंटे की कुल वर्षा के आंकड़ों के अनुसार, केवल पालम और आयानगर में हल्की बारिश हुई लेकिन सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे के बीच किसी भी वेधशाला में बारिश दर्ज नहीं की गई। आईएमडी के अनुसार, 10 जून तक अधिकतम तापमान धीरे-धीरे बढ़कर 43 डिग्री तक पहुंच सकता है, और उसके बाद 11 जून से आंधी की वजह से तापमान में गिरावट आ सकती है।
देशभर में मौसम का सिस्टम एक्टिव, तेज हवाओं और बारिश का खतरा
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में कई चक्रवाती परिसंचरण अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय हैं. यही वजह है कि मौसम का मिजाज बेहद अस्थिर हो गया है. कहीं तेज धूप के बाद अचानक बारिश हो रही है तो कहीं आंधी-तूफान ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
अगले 2 से 3 दिनों में मानसून के और आगे बढ़ने की संभावना है. इसके बाद यह छत्तीसगढ़, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम तक पहुंच सकता है.हवाओं की गति कई जगहों पर 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा बढ़ गया है।
दिल्ली-NCR में मौसम का बदलाव और तेज हवाओं का असर
दिल्ली-NCR में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है. 7 जून को आंशिक बादल छाए रहने के साथ तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई गई है. अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री के बीच रह सकता है, लेकिन आंधी और बारिश के चलते शाम तक राहत मिल सकती है. मौसम विभाग ने यहां 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है. कई इलाकों में अचानक मौसम बिगड़ सकता है, जिससे यातायात और जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश में मौसम का बदलता रुख और आंधी-तूफान का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में मौसम अगले कुछ दिनों तक काफी सक्रिय रहने वाला है. पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में रुक-रुककर बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी. 9 से 12 जून के बीच कई जिलों में तेज बारिश की संभावना है. IMD ने राज्य के कई जिलों में 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी दी है. लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर और मेरठ जैसे शहरों में मौसम अचानक बदल सकता है. गर्मी और उमस के बीच यह बारिश कुछ राहत भी दे सकती है, लेकिन बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा।
बिहार में मौसम का मिजाज और बारिश की गतिविधियां
बिहार में 7 और 8 जून को मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है. कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है. पटना, गया, दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर जैसे जिलों में तेज हवाएं चलने की संभावना है. 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में नुकसान की आशंका है. हालांकि बारिश के कारण गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।
झारखंड में मौसम का बदलाव और तेज हवाओं का असर
झारखंड में भी मौसम पूरी तरह बदल चुका है. रांची, धनबाद, बोकारो और दुमका जैसे जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर भी सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
मध्य प्रदेश में प्री मानसून के दौर में बारिश शुरू हो गई है.
पश्चिम बंगाल में मौसम का असर और भारी बारिश की चेतावनी
पश्चिम बंगाल में भी मौसम ने रफ्तार पकड़ ली है. कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. हावड़ा, कोलकाता, नादिया और मुर्शिदाबाद जैसे क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है. 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
राजस्थान में मौसम का बदलाव और गर्मी से राहत की स्थिति
राजस्थान में फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं. कई जिलों में आंधी और बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है. हालांकि मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 8 जून के बाद पश्चिमी राजस्थान में फिर से भीषण गर्मी और लू लौट सकती है।
मध्य प्रदेश में मौसम का उतार-चढ़ाव और तेज हवाएं
मध्य प्रदेश में भोपाल, इंदौर, विदिशा और खंडवा जैसे जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट है. यहां 65 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे कई इलाकों में मौसम अस्थिर बना रहेगा।
पंजाब-हरियाणा में मौसम का बदलाव और बारिश की संभावना
पंजाब और हरियाणा में मौसम का मिजाज अगले कुछ दिनों तक काफी अस्थिर बना रह सकता है. मौसम विभाग के अनुसार दोनों राज्यों के कई हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक और आंधी-तूफान की स्थिति देखने को मिल सकती है. पटियाला, लुधियाना, जालंधर, अमृतसर और चंडीगढ़ जैसे प्रमुख शहरों में अचानक मौसम बदलने की संभावना जताई गई है. कई इलाकों में बादल घिरने के साथ ही तेज बारिश शुरू हो सकती है, जिससे दिन के तापमान में गिरावट भी दर्ज की जाएगी।
यहां 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे जनजीवन के साथ-साथ कृषि गतिविधियां और ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है. खेतों में खड़ी फसलें, खासकर धान और सब्जियों की फसल, तेज हवा और बारिश से नुकसान की चपेट में आ सकती हैं. मौसम विभाग ने लोगों को खुले इलाकों में सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में मौसम का पहाड़ी असर
पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज इस समय काफी चुनौतीपूर्ण और अस्थिर बना हुआ है. उत्तराखंड के नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और पिथौरागढ़ जैसे कई जिलों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. लगातार बारिश के कारण कई संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन की आशंका भी बढ़ गई है, जिससे सड़क संपर्क बाधित होने का खतरा बना हुआ है।
हिमाचल प्रदेश में शिमला, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा और सोलन जैसे क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है. यहां मौसम में अचानक बदलाव के कारण तापमान।


