रायपुर , कलिंगा विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय द्वारा “प्रौद्योगिकी ,शिक्षा को विकर्षण से अधिक सशक्त बनाती है” विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में तर्कशील सोच, अभिव्यक्ति कौशल एवं रचनात्मक दृष्टिकोण का विकास करना था।
कार्यक्रम का संयोजन डॉ. हर्षा शर्मा, सहायक प्राध्यापक, शिक्षा संकाय ने किया। विभिन्न विभागों एवं विश्वविद्यालयों के प्रतिभागियों ने अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए और विषय पर गहन विमर्श किया। विशेष रूप से अमिटी विश्वविद्यालय तथा अन्य प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भी इस प्रतियोगिता में भाग लेकर अपने विचार साझा किए।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथा पटेल (प्रथम स्थान – बी.ए.) और अनुष्का बर्नवाल (द्वितीय स्थान – बी.एससी. फॉरेंसिक साइंस) विजेता घोषित हुईं। उनकी तार्किकता, शोधपूर्ण दृष्टिकोण और सटीक प्रस्तुति ने निर्णायक मंडल को प्रभावित किया।
प्रतियोगिता का मूल्यांकन माननीय निर्णायकों द्वारा किया गया – प्रो. अज़ीम ख़ान, डीन, विधि संकाय, प्रो. ए. राजशेखर, प्राध्यापक, भूगोल विभाग, निर्णायकों ने अपने विचार भी साझा किए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि यदि प्रौद्योगिकी का उपयोग सही तरीके से और शिक्षक के मार्गदर्शन में किया जाए, तो यह विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होती है। प्रो. ए. राजशेखर ने कहा कि “प्रौद्योगिकी को हमें एक मार्गदर्शक उपकरण की तरह चलाना चाहिए, न कि केवल एक साधन के रूप में।”
डॉ. श्रद्धा वर्मा, डीन, शिक्षा संकाय ने विजेताओं और सभी प्रतिभागियों को बधाई दी तथा सीखने की प्रक्रिया में नवाचार और सजगता के संतुलन पर बल दिया। इस कार्यक्रम में खेल निदेशक डॉ. डी. कालिदास, शिक्षा संकाय के सहायक प्रोफेसर डॉ. संजीव यादव, शिक्षा संकाय के सहायक प्रोफेसर डॉ. सरोज नैयर, शिक्षा संकाय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. लुभावनी त्रिपाठी और अन्य संकाय सदस्य उपस्थित थे।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी और संकाय सदस्यों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया।


