बांका
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये प्राप्त कर स्वरोजगार शुरू करने वाली जीविका दीदियों को अब दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए जिले में ग्राम संगठन स्तर पर ऑनलाइन आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अब तक करीब तीन हजार आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनकी जांच की जा रही है। विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र लाभुकों के बैंक खातों में दूसरी किस्त की राशि भेजी जाएगी।
जीविका के अधिकारियों के अनुसार दूसरी किस्त का लाभ केवल उन्हीं दीदियों को मिलेगा, जिन्होंने पहली किस्त की राशि से स्वरोजगार शुरू किया है।
आवेदन मिलने के बाद संबंधित कागजातों की जांच की जाएगी। इसके बाद फील्ड स्तर के अधिकारी लाभुकों के रोजगार का भौतिक सत्यापन एवं मूल्यांकन करेंगे। जांच में रोजगार संचालित पाए जाने पर आवेदन स्वीकृत कर दूसरी किस्त की राशि जारी की जाएगी।
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके रोजगार का विस्तार करना है।
पहली किस्त से शुरू किए गए व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए सरकार चरणबद्ध तरीके से वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है। इससे जीविका दीदियों को अपने छोटे व्यवसाय को मजबूत करने के साथ आय बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
पांचवी किस्त तक दी जाएगी सहायता
जिले में अब तक तीन लाख 50 हजार से अधिक जीविका दीदियों को योजना की पहली किस्त के रूप में 10-10 हजार रुपये उपलब्ध कराए जा चुके हैं। विभाग के अनुसार, रोजगार के सफल संचालन और निर्धारित मानकों के अनुरूप मूल्यांकन के बाद लाभुकों को दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये दिए जाएंगे।
इसके बाद तीसरी किस्त में 40 हजार, चौथी किस्त में 80 हजार तथा पांचवीं और अंतिम किस्त में 60 हजार रुपये दिए जाएंगे। इस प्रकार प्रत्येक पात्र लाभुक को कुल दो लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
जीविका के अधिकारियों ने सभी ग्राम संगठनों को अधिक से अधिक पात्र दीदियों से आवेदन लेने तथा आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन समय पर कराने का निर्देश दिया है, ताकि स्वीकृति की प्रक्रिया में विलंब न हो।
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये प्राप्त करने वाली जीविका दीदियों को रोजगार विस्तार के लिए दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए ग्राम संगठन स्तर पर आवेदन लिए जा रहे हैं। – राकेश कुमार, जिला परियोजना प्रबंधक, जीविका, बांका


