नई दिल्ली (mediasaheb.com) | देश में सालाना 10 लाख टन से अधिक पुराने कपड़ों के रद्दी के रूप में निकलने और उसके कचड़े में फेके जाने से पर्यावरण पर पड़ रहे प्रभावों के बीच सिलाई मशीन बनाने वाली कंपनी ऊषा इंटरनेशनल ने इन कपड़ों से घरेलू जरूरत के लिए उपयोगी वस्तुयें बनाने की पहल शुरू की है। कंपनी का कहना है कि रोजमर्रा के जीवन में रिसाइक्लिंग को अपनाने की अहमियत पर जोर दिया जा सकता है। खासतौर पर इसका महत्व तब और ज्यादा हो जाता है, जब हम कूड़े-कचरे के निपटारे की समस्या का वास्तव में कोई समाधान खोजना चाहते हों दुनिया में भारत नगरपालिका में निकलने वाले ठोस कचरे का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। भारत में सालाना 10 लाख टन से ज्यादा पुराने कपड़े रद्दी के रूप में निकलते हैं। यह तथ्य हमें कूड़े-कचरे के सुरक्षित निपटारे का ज्यादा जिम्मेदार तरीका अपनाने के लिए डराने वाला होना चाहिए | (वार्ता)
Saturday, August 22
Breaking News
- एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने दिए निर्देश, अधिकारियों ने बैठक कर बनाई रणनीति
- CG BJP ने Gen-Z से जुड़ने बनाई नई टीम, मंत्री ओपी चौधरी को मिली बड़ी जिम्मेदारी
- Gen Z को साधने की तैयारी में BJP, युवाओं से सीधे संवाद के लिए बनाई खास टीम
- भोपाल नगर निगम के AHO का विवादित बयान, बोले- ‘मैं मंत्री की भी नहीं सुनता, इस्तीफा जेब में रखता हूं’
- चीनी की बढ़ती कीमतों पर योगी सरकार सख्त, 400 टन से ज्यादा स्टॉक रखने वालों पर होगी कार्रवाई
- गंभीर का दो टूक जवाब- मेरा काम लाइक्स-व्यूज नहीं, टीम इंडिया के लिए ट्रॉफियां जीतना है
- अवधपुरी में नगर निगम की नोटिस-सीलिंग कार्रवाई का विरोध, व्यापारियों ने निकाला पैदल मार्च
- रांची विश्वविद्यालय की शोध में बड़ी उपलब्धि, चार परियोजनाओं को 25.45 लाख की मंजूरी
- दीक्षारंभ समारोह में गूंजा बड़ा संदेश, लक्ष्य बड़ा रखें, समय और तकनीक के साथ खुद को बदलें
- गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान की यात्रा बिलासपुर पहुंची


