मित्रो , आज हिंदी दिवस है। मैं याद कर रहा हूं वीर सुभाष को। आपको शायद अटपटा लगे हिन्दी दिवस पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस का स्मरण क्यों। महानायक सुभाषचंद्र बोस की मातृभाषा बांग्ला थी किन्तु वे हिन्दी बोल , पढ़ व लिख सकते थे , हिन्दी का महत्व वे समझते थे , जब सभापति बने कांग्रेस के ,तो आग्रह कर एक हिन्दी भाषी कांग्रेस कार्यकर्ता जगदीशनारायण मिश्र को अपना हिन्दी शिक्षक बनाया और विधिवत हिंदी सीखी | ये उनकी दूर दृष्टि को भी दिखता है। जब उन्होंने आज़ाद हिंद के सेनापति होने के नाते देश को विदेश से संबोधित किया तो उनका भाषण हिंदी में था और हमारे देश के इतिहास का हिस्सा बन गया। जोश जगाने वाला , बलिदान को प्रेरित करने वाला।( इस ऐतिहासिक भाषण की रिकॉर्डिंग यू ट्यूब पर उपलब्ध है) अब तो हिंदी के दुश्मन चाहकर भी उसका महत्व कम नहीं कर सकते | आज हिंदी समाचार चैनलों की भरमार है , बेचारे अंग्रेजी न्यूज़ चैनल दर्शक व विज्ञापन को तरसते है| हिंदी फिल्मो की धमक अब पूरे विश्व में है | अब तो विज्ञापन उद्योग की भाषा भी हिन्दी ही है | साबुन से लेकर कार तक सब का विज्ञापन अब हिंदी में ….हमारे काले अंग्रेज़ समझ गए है हिन्दी मे बोलो ,लिखो तो पब्लिक समझती है भाई .
संजय ‘अनंत’©
Saturday, March 28
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