– 10वीं की परीक्षा में 41 विद्यार्थियों ने हासिल किए 90 प्रतिशत से अधिक अंक
पुणे (mediasaheb.com) | : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की सत्र 2025-26 की कक्षा 10वीं की परीक्षा में नांदे स्थित ध्रुव ग्लोबल स्कूल ने शानदार सफलता हासिल की है। स्कूल के कुल 63 विद्यार्थियों में से 41 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। स्कूल की छात्रा ईशान्वी बारपांडा ने 99.2 प्रतिशत अंकों के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया है। नांदे स्थित ध्रुव ग्लोबल स्कूल के छात्रों ने सीबीएसई 10वीं की परीक्षा में सफलता की परंपरा को बरकरार रखा है और इस वर्ष के परिणामों में एक बार फिर स्कूल की गुणवत्ता का परचम लहराया है। स्कूल की ईशान्वी बारपांडा ने 99.2 प्रतिशत अंक पाकर प्रथम, साईश केदार भुरके और युविका त्रिपाठी ने 98.4 प्रतिशत अंकों के साथ द्वितीय और आर्यन जगताप ने 98 प्रतिशत अंकों के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया।
30 विद्यार्थियों का ‘सौ फीसदी’ प्रदर्शन :
स्कूल का परिणाम केवल प्रतिशत तक सीमित नहीं है, बल्कि 30 विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों में 100 में से 100 अंक प्राप्त कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इसमें मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में 10 छात्र, अंग्रेजी में 6, मार्केटिंग एंड सेल्स और जर्मन में 5-5, संस्कृत में 3, जबकि विज्ञान और सामाजिक विज्ञान में 1-1 छात्र ने 100 में से 100 अंक अर्जित किए हैं।
विद्यार्थियों की इस शानदार सफलता पर ध्रुव ग्लोबल स्कूल के ट्रस्टी एवं निदेशक यशवर्धन मालपाणी और स्कूल की प्रधानाचार्या संगीता राउतजी ने सफल छात्रों की विशेष सराहना की। न केवल उत्कृष्ट परिणाम, बल्कि 90 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले छात्रों की बड़ी संख्या और विभिन्न विषयों में प्राप्त पूर्ण अंकों ने शैक्षणिक क्षेत्र में ध्रुव ग्लोबल स्कूल की एक अलग पहचान बनाई है।
इस अवसर पर निदेशक यशवर्धन मालपाणी ने कहा, हमारे विद्यार्थियों ने निरंतरता, शैक्षणिक अनुशासन और सटीक मार्गदर्शन का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। इस सफलता का श्रेय छात्रों की कड़ी मेहनत के साथ-साथ शिक्षकों और अभिभावकों के अटूट सहयोग को जाता है। प्रधानाचार्या संगीता राउतजी ने कहा, 10वीं के परिणाम में स्कूल के 63 में से 41 विद्यार्थियों ने विशेष योग्यता के साथ सफलता हासिल कर कामयाबी के नए शिखर छुए हैं। 30 विद्यार्थियों द्वारा अलग-अलग विषयों में 100 अंक लाने का रिकॉर्ड स्कूल की समावेशी शिक्षा पद्धति का प्रमाण है।


