नई दिल्ली (mediasaheb.com)| प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि लोकतंत्र भारत की प्राचीन संस्कृति का सहज भाव है और इसीलिए तमाम वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत आज सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था और इस बात का जीवंत उदाहरण है कि लोकतंत्र परिणामकारी होता है। PM मोदी ने लोकतंत्र को लेकर दूसरे वैश्विक शिखर सम्मेलन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिरकत करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत के भारत के 1.4 अरब लोगों की ओर से शुभकामना ज्ञापन के साथ की। उन्होंने कहा कि निर्वाचित नेताओं का विचार प्राचीन भारत में शेष विश्व से बहुत पहले एक सामान्य बात थी। हमारे प्राचीन महाकाव्य महाभारत में नागरिकों का पहला कर्तव्य अपने नेता को चुनने के रूप में वर्णित किया गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे पवित्र वेदों में व्यापक-आधारित परामर्शी निकायों द्वारा राजनीतिक शक्ति का प्रयोग करने की बात कही गयी है। प्राचीन भारत में गणराज्य राज्यों के कई ऐतिहासिक संदर्भ भी हैं, जहां शासक वंशानुगत नहीं थे। इसीलिए हम कहते हैं कि भारत वास्तव में लोकतंत्र की जननी है।(वार्ता)
Sunday, June 28
Breaking News
- कराची में रेंजर्स कैंप पर बड़ा आतंकी हमला, 4 सुरक्षाकर्मी और 6 आतंकी मारे गए
- इंदौर-उज्जैन रोड पर बस पलटी, 20 यात्री घायल; शराब के नशे में मिला ड्राइवर
- ‘मन की बात’ जनभागीदारी और जनप्रेरणा का सशक्त माध्यम बना: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
- जीएसटी के 10 साल: सरकार एआई आधारित टैक्स सिस्टम और डेटा इंटीग्रेशन पर फोकस कर रही है
- रायपुर का निरीक्षण करने में स्कूटी से निकले उप मुख्यमंत्री अरुण साव
- लोहगढ़ किले मर्डर केस: आरोपियों ने हत्या से पहले Google पर तरीका सर्च करने का खुलासा
- यमुना प्राधिकरण बना हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग हब, 15 हजार करोड़ से अधिक निवेश से बदलेगा औद्योगिक नक्शा
- यूपी में INDIA गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर तनाव, कांग्रेस ने 50-50 हिस्सेदारी की मांग रखी
- मेरठ मंडल में ₹6568 करोड़ की 1284 परियोजनाएं, हर विधानसभा क्षेत्र में संतुलित विकास के निर्देश: सीएम योगी
- MP Police में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 1 IPS और 64 SPS अधिकारियों के तबादले


