भोपाल
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान शुभारंभ के वर्चुअल कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने रविवार को भोपाल में सहभागिता की। कार्यक्रम का आयोजन ब्रह्माकुमारीज़ सुख शांति भवन रिट्रीट सेंटर में किया गया था। कार्यक्रम, ब्रह्माकुमारी दीदी प्रकाशमणि जी की 19वीं पुण्य स्मृति दिवस के अवसर पर 10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान के तहत ब्रह्माकुमारी राजयोग भवन भोपाल द्वारा किया गया था।
स्थानीय कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए हर व्यक्ति, परिवार, समुदाय और वर्ग का सहयोग अपेक्षित है। हर व्यक्ति नशा मुक्ति की प्रतिज्ञा को 365 दिन याद रखें। उन्होंने कहा कि 10 करोड़ व्यक्ति यदि एक परिवार को नशा मुक्त करेंगे तो देश की 50 करोड़ आबादी नशा मुक्त हो जाएगी। देश में बड़ा बदलाव आ जाएगा। उन्होंने कहा कि नशा-मुक्त, स्वस्थ, संस्कारवान एवं विकसित भारत के निर्माण के ऐतिहासिक जन आंदोलन का शुभारंभ देश के लिए अत्यंत प्रेरणादायी और महत्वपूर्ण अवसर है। इस प्रसंग में बच्चों का बचपन नशे के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखना तथा प्रत्येक परिवार को अपने घर को नशा-मुक्त बनाने के लिए प्रेरित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने मिशन स्पंदन को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के लिए नशा-मुक्त भारत अभियान का व्यापक संकल्प लिया है।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि अभियान की वास्तविक सफलता तभी होगी, जब वह जन-व्यवहार, जीवनशैली और सामाजिक चेतना का स्थायी संस्कार बने। उन्होंने अभियान से जुड़े सभी लोगों से आग्रह किया कि वे समाज के वंचित वर्गों, पिछड़े क्षेत्रों और दूरस्थ अंचलों तक पहुँचकर यह संदेश दें कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि परिवार, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्र की प्रगति को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी की पावन स्मृति में प्रधानमंत्री के जन-आंदोलन से जुड़ने के लिए ब्रह्माकुमारी परिवार की सराहना की और आग्रह किया कि वे सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से युवाओं में मूल्य-आधारित शिक्षा, स्वस्थ जीवनशैली और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का मार्गदर्शन एवं नेतृत्व करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अभियान विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने की दिशा में एक प्रभावी, व्यापक और क्रांतिकारी जन-आंदोलन सिद्ध होगा।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी पर नशे के दुष्प्रभाव तेजी से बढ़ रहे हैं, जो समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के साथ-साथ परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति को भी प्रभावित करता है। इसलिए नशा-मुक्त भारत का संकल्प जन-आंदोलन का रूप लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस दिशा में शासन-प्रशासन के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। युवाओं को नशे के मायाजाल से बचाने के लिए ब्रह्माकुमारी संस्थान, बी.के. गायत्री परिवार तथा अन्य सामाजिक संगठन निरंतर जागरूकता अभियान चला रहे हैं। उन्होंने पुलिस विभाग द्वारा गत वर्ष संचालित नशा-निवारण अभियान की भी सराहना की।
मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि नशा सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों के क्षरण का प्रमुख कारण है। उन्होंने परिवार, समाज और सांस्कृतिक जीवन-मूल्यों के संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए अध्यात्म से जोड़कर उनकी आंतरिक प्रेरणा को सशक्त बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज का सतत संवाद ही युवाओं को नशे जैसी बुराई से बचा सकता है। बी.के. रेखा दीदी ने कहा कि नशा व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से क्षति पहुँचाता है। समाज को व्यसनों से मुक्त कर आत्मिक जागरूकता का प्रसार समय की आवश्यकता है। कार्यक्रम के प्रारंभ में क्षेत्रीय निर्देशिका, सुख शांति भवन बी.के. नीता दीदी, ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा बी.के. राम भाई ने कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। बी.के. रतना दीदी ने नशा-मुक्त भारत की प्रतिज्ञा दिलाई और बी.के. हेमा दीदी ने राजयोग का अभ्यास कराकर सकारात्मक एवं आध्यात्मिक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।


