बिलासपुर (mediasaheb.com) बिलासपुर के माननीय विधायक श्री शैलेष पाण्डे ने आज दिनांक 25.01.2021 को एसईसीएल मुख्यालय प्रशासनिक भवन में एसईसीएल के निदेशक (कार्मिक) डाॅ. आर.एस. झा…
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नई दिल्ली, (media saheb.com) नवंबर 2020 में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ( ईपीएफओ) से छह लाख 40 हजार से अधिक, कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) से…
छोटे भाई बहनों के लिए कड़ी मेहनत से रोल मॉडल बनने वाली ये है प्रीति भारद्वाज भिलाई(mediasaheb.com). बस्तर के जगदलपुर की प्रीति भारद्वाज ने नीट क्वालिफाई किया है। कोरोना काल में अचानक हुए लॉकडाउन के बाद भी ऑनलाइन और सेल्फ स्टडी करके प्रीति ने यह सफलता अर्जित की है। जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेकर डॉक्टर बनने के सपने को साकार करने वाली प्रीति ने बताया कि एक बार उसने किसी दीवार पर लिखा हुआ पढ़ा था कि जब हौसला बना लिया ऊंची उड़ान का फिर देखना फिजूल है कद आसमान का। पता नहीं वो बात मन में घर करके बैठ गई। 12 वीं के बाद किसी कारण से नीट के एग्जाम में बैठ नहीं पाई थी। इसलिए एक साल ड्रॉप लेकर तैयारी की। बावजूद असफल हो गई। ऐसे में दूसरे साल ड्रॉप के लिए इन्हीं लाइनों ने सबसे ज्यादा मोटिवेट किया। पहली फेल्यिर के बाद मम्मी ने कई बार कहा कि पीएससी कर लो, मेरी जिद डॉक्टर बनने की थी। इसलिए खुद को नीट पर ही फोकस किया। दादा जी बचपन से मुझे डॉक्टर बनाना चाहते थे। वो कहते थे कि मेरी बेटी बड़ी होकर डॉक्टर ही बनेगी। आज वो तो नहीं रहे लेकिन उनका सपना जरूर पूरा हो रहा। मेरे छोटे भाई बहनों को भी इस सफलता से आगे बढऩ़े की प्रेरणा मिलेगी। दूसरे साल महसूस करने लगी ज्यादा प्रेशर प्रीति ने बताया कि जब उसने पहले साल ड्राप लिया तो नीट का सिलेबस और बेसिक समझने में ही पूरा समय निकल गया। पहले साल की तैयारी में खुद को फोकस नहीं कर पाई। पढ़ते-पढ़ते ध्यान भटक जाता था। जब रिजल्ट आया तो फेल्यिर देखकर काफी मायूस भी हो गई थी। कुछ दिनों बाद इस मायूसी को जीवन से हटाकर दोबारा उन गलतियों को नहीं दोहराने की सीख ली। पॉजिटिव सोच के साथ फिर से पढ़ाई शुरू कर दी। लॉकडाउन में घर में भी पैरेंट्स ने काफी सपोर्ट किया। घर में रोजना आठ से दस घंटे की स्टडी करती थी। जिससे ज्यादा से ज्यादा रिविजन करने का मौका मिल गया। यही मेरी सक्सेस के लिए प्लस प्वाइंट बना। सचदेवा में हुआ बेसिक क्लीयर किसी भी परीक्षा में सफल होने के लिए बेसिक का क्लीयर होना बहुत जरूरी होता है। प्रीति ने बताया उसने अपने फ्रैंड्स की सलाह पर सचदेवा कोचिंग ज्वाइन किया। यहां के टीचर्स भी पढ़ाई के मामले में खरे उतरे। अलग-अलग तरह की स्टडी मटेरियल और पुराने प्रश्न पत्रों को साल्व कराकर बेसिक क्लीयर करा दिया। इसका लाभ दूसरे साल की तैयारी में भी मिला। फिजिक्स के साथ कैमेस्ट्री और बायो पर भी टीचर्स पूरा फोकस करते थे। ताकि कोई भी सब्जेक्ट वीक न रह जाए। एग्जाम के दौरान कैसे टाइम मैनेजमेंट करना है ये भी टीचर्स रोजाना बच्चों को बताते हैं। जैन सर के पत्थर की कहानी से हुई काफी मोटिवेट सचदेवा कोचिंग के डायरेक्टर चिरंजीव जैन सर अक्सर नीट की तैयारी करने वाले बच्चों की काउंसलिंग करते हैं। एक दिन उन्होंने क्लास में मंदिर में लगे पत्थरों की कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि कैसे दर्द सहकर और कारीगरों द्वारा तराशकर एक मामूली पत्थर भगवान की मूर्ति बन गया। जिन पत्थरों ने दर्द सहने से इनकार किया वो आज मंदिर की सीढिय़ों और रास्ते पर लगे हुए हैं। उनकी की ये छोटी सी प्रेरक कहानी से काफी मोटिवेशन मिला। बिना संघर्ष के कोई मुकाम नहीं मिलता। यही सोचकर मैं सिर्फ पढ़ती चली गई। आज वो दो साल की कड़ी मेहनत का परिणाम मिला है। जो काफी सुखद है। जो बच्चे इस साल नीट की तैयारी कर रहे हैं उनसे कहूंगी कि हमेशा खुद के साथ ईमानदार रहे। जब आप ईमानदारी से पढ़ाई करेंगे तो कोई रूकावट आपकी सफलता नहीं रोक सकती। (the states. news)
रायपुर(media saheb.com) अयोध्या में विशाल श्रीराम मंदिर निर्माण के अवसर पर गायत्री परिवार रायपुर द्वारा बाइक रैली जन जागरण के लिए निकाला गया। रैली,गायत्री शक्तिपीठ समता…
रायपुर (mediasaheb.com) कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रदेश अध्यक्ष अमर परवानी, कार्यकारी अध्यक्ष मंगेलाल मालू, विक्रम सिंहदेव, महामंत्री जितेंद्र दोषी, कार्यकारी महामंत्री परमानंद जैन,…
किसान पिता और हाउस वाइफ मां से प्रेरणा लेकर परिवार का पहला डॉक्टर बनेगा बेटा भिलाई(mediasaheb.com) जीतने वाले केवल मंजिल देखते हैं और हारने वाले रास्ते की कठिनाई, ऐसा न सिर्फ माना बल्कि इस बात को चरितार्थ भी करके दिखाया है केशकाल विश्रामपुर के रहने वाले मुकेश कुमार मरकाम ने। किसान पिता के बेटे ने एक दो नहीं बल्कि अपने तीसरे प्रयास में नीट क्वालिफाई करके डॉक्टर बनने के सपने को उड़ान दिया है। जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेकर मेडिकल की पढ़ाई की ओर कदम बढ़ाने वाले मुकेश कहते हैं फेल्यिर महज एक शब्द है। अगर इसे दिमाग पर हावी हुए बिना दोबारा कोशिश की जाए तो फेल्यिर को सक्सेस में बदलते देर नहीं लगती। कोचिंग में पढऩे वाले सारे दोस्त पहले और दूसरे अटेम्ट में नीट क्वालिफाई हो गए। मैं लगातार दूसरी साल भी फेल हो गया। ऐसे में बड़ी दीदी और भाई ने कहा कि जो सपना परिवार ने देखा है उसे पूरा करके ही घर लौटना। फिर मैंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा तीसरी बार में फाइनली नीट क्वालिफाई कर ही लिया। मेरी जर्नी शायद उन लोगों को मोटिवेट करेगी जो लगातार फेल्यिर से निराश हो जाते हैं। आधा साल शहर की चकाचौंध में निकल गया नीट की कोचिंग के लिए जब पहले साल भिलाई आया तो यहां की चकाचौंध में खो गया। आधा साल मौज-मस्ती में कैसे निकला पता ही नहीं चला। जब टेस्ट सीरिज में नंबर बेहद कम आने लगा तब अपनी गलती का एहसास हुआ लेकिन तब तक बहुत देर हो गई थी। लाख कोशिश करने के बाद भी मैं सेलिबस को कवर नहीं कर पाया। इसलिए पहले ड्राप इयर में फेल हो गया। फेल्यिर के बाद डिप्रेशन होना भी जाहिर सी बात है। ऐसे में माता-पिता ने कहा कि बिना गलती दोहराए एक बार फिर कोशिश करो। उनकी बातें सुनकर फिर नीट की तैयारी की। कोरोना के बाद सक्सेस हाथ लगी। सचदेवा के टीचर्स ने किया एवरेज स्टूडेंट पर भरोसा सचदेवा न्यू पीटी कॉलेज का नाम नीट की कोचिंग के लिए काफी सुना था। इसलिए भिलाई आकर मैंने सीधे सचदेवा में ही एडमिशन लिया। मैं एवरेज स्टूडेंट था बावजूद यहां के टीचर्स ने मुझे कभी निराश नहीं होने दिया। टॉपर्स के बीच में हमारी पढ़ाई होती थी। फिर भी वो बराबर हर स्टूडेंट पर ध्यान देते थे। पहले डाउट होने पर झिझक के चलते मैं सवाल पूछ नहीं पाता था। टीचर्स ने मोटिवेट किया तो डाउट पूछना भी शुरू कर दिया। जिसका लाभ पढ़ाई में भी मिलने लगा। टफ सब्जेक्ट के अलावा यहां सरल विषयों की पढ़ाई भी गंभीरता से कराई जाती है। ताकि बच्चे की तैयारी में किसी तरह की कोई कमी न रह जाए। बर्थ डे के दिन बुलाकर जैन सर ने पूरी की परिवार की कमी सचदेवा न्यू पीटी कॉलेज के डायरेक्टर चिरंजीव जैन सर एक अच्छे काउंसलर होने के साथ एक अच्छे पैरेंट्स भी है। मुकेश ने बताया कि एक दिन जैन सर ने मुझे अचानक केबिन में बुला लिया। उस दिन मेरा बर्थ डे भी था। मैं डर गया कि पता नहीं मुझसे क्या गलती हो गई पर उन्होंने प्यार से बर्थ डे विश करते हुए ढेर सारी शुभकामनाएं दी। साथ ही मोटिवेट करते हुए कहा इस साल मेरा सलेक्शन जरूर होगा। उनकी ये बातें मन को छू गई। एक पॉजिटिव एनर्जी के साथ मैंने एग्जाम दिया। उस दिन कहीं न कहीं उन्होंने मेरे परिवार की कमी पूरी की थी। जिसे मैं जीवनभर नहीं भूल पाऊंगा।(the states. news)
रायपुर(mediasaheb.com) कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रदेश अध्यक्ष अमर परवानी, कार्यकारी अध्यक्ष मंगेलाल मालू, विक्रम सिंहदेव, महामंत्री जितेंद्र दोषी, कार्यकारी महामंत्री परमानंद जैन, कोषाध्यक्ष…
जशपुर जिले के गिनाबहार गांव की पहली डॉक्टर बनेगी पुष्पलता कुजूर भिलाई(mediasaheb.com) जशपुर जिले के कुनकुरी ब्लॉक के छोटे से गांव गिनाबहार को कोरोना महामारी के बीच अपना पहला डॉक्टर मिल गया गांव की बेटी पुष्पलता कुजूर ने नीट क्वालिफाई करके आदिवासी अंचल में बेटियों की तरक्की का रास्ता खोल दिया है। साथ ही उन्हें बता दिया है कि मेहनत किसी जगह की मोहताज नहीं होती। गांव का बच्चा लगन से पढ़ाई करके हर क्षेत्र में सफलता के झंडे गाड़ सकता है। अपने तीसरे प्रयास में नीट क्वालिफाई करने वाली पुष्पलता को बिलासपुर मेडिकल कॉलेज में एडमिशन मिला है। मेडिकल की पढ़ाई के बाद आईएएस ऑफिसर बनकर समाज की सेवा करना चाहती है। जशपुर की पूर्व कलेक्टर डॉक्टर प्रियंका शुक्ला को अपनी आइडल मानने वाली पुष्पलता ने बताया कि समाज की नब्ज को एक डॉक्टर से बेहतर और कौन समझ सकता है। आईएएस का ओहदा मिलने के बाद इस डिग्री की वैल्यू और भी ज्यादा बढ़ जाएगी। असफल होने के बाद बना लिया था दूसरे कोर्स में एडमिशन लेने का मन पुष्पलता ने बताया कि 12 वीं बोर्ड के बाद उसने लगातार दो साल ड्राप लेकर नीट की तैयारी की। पहले ड्रॉप इयर में महज कुछ नंबरों से वो नीट क्वालिफाई करने से चूक गई थी। ऐसे में घोर निराशा के बीच पढ़ाई छोडऩे का मन बना लिया था। तब बड़े भाई ने कहा कि नैवर गिव अप। जब तक सक्सेस नहीं होती ये बात अपने दिमाग में बैठाकर रख लो। तीसरी बार कोशिश करो, जरूर सक्सेस मिलेगा। भाई की बातों से प्रेरणा लेकर मैंने तीसरी बार कोरोनाकाल में एग्जाम दिया। अंतत: तीसरे प्रयास में सफलता हाथ लगी। जब भी हताश होती थी दीवार पर लिखा नैवर गिव अप, देखकर खुद को और भी ज्यादा परिश्रम करने के लिए मोटिवेट करती थी। सारे दोस्तों का हो गया था सलेक्शन तब सचदेवा के टीचर्स ने बढ़ाया हौसला पहले ड्रॉप इयर में कोचिंग के लिए सचदेवा कॉलेज भिलाई में एडमिशन लिया। शुरूआत में सीजी बोर्ड और हिंदी मीडियम स्कूल से पढ़ाई करने के कारण बहुत दिक्कत होती थी। धीरे धीरे टीचर्स ने सब्जेक्ट का डाउट क्लीयर करना शुरू की। कुछ महीने बाद मैं बिना झिझक के टीचर्स से क्लासरूम में सवाल पूछती थी। फिजिक्स कमजोर था तो सचदेवा के टीचर्स ने फिजिक्स में काफी ध्यान दिया। जब पहले साल सारे दोस्तों का सलेक्शन हो गया और मैं फेल हो गई तब डिप्रेशन में चली गई थी। ऐसे में टीचर्स ने कहा कि तुम तीसरे अटेम्ट में जरूर अच्छा करोगी। उनकी बात मानकर मैंने दूसरे साल भी सचेदवा में ही एडमिशन लिया। सारे प्राब्लम भूल जाते थे जैन सर की क्लास में पुष्पलता ने बताया कि जब चिरंजीव जैन सर काउंसलिंग क्लास लेते थे तब हम उनकी बातें सुनकर सारे प्राब्लम भूल जाते थी। कई तरह की प्रेरक कहानियां और लाइफ स्टाइल की बातें बताकर वो हमें पॉजिटिव एनर्जी से भर देते थे। एक दिन उन्होंने अपने एक्स स्टूडेंट की कहानी सुनाई। कैसे लगातार कई प्रयास में असफल होकर भी आज वो देश का जाना माना डॉक्टर बन गया। तब मैंने भी अपनी हार्ड वर्क पर भरोसा करना शुरू किया। बचपन के सपने को हर दिन जीने लगी। कई कोशिशों के बाद आखिरकार सफलता का स्वाद चख ही लिया। अब मेरे गांव में जब लोग मुझे अभी से डॉक्टर पुष्पलता कहते हैं तो अंदर से मन प्रफुल्लित हो जाता है। इस साल जो बच्चे नीट की तैयारी कर रहे हैं उनसे यही कहना चाहूंगी कि जीवन में कोशिश करना मत छोडि़ए हो सकता है आपकी सफलता में कुछ वक्त लगे, लेकिन आप सफल जरूर होंगे।(the states. news)
जय व्यापार पैनल ने निवर्तमान कार्यकारिणी की कार्यशैली पर उठाए सवाल रायपुर(mediasaheb.com) छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज की निवर्तमान कार्यकारिणी का कार्यकाल समाप्त हो जाने…
कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियों एनसीएल, सीसीएल और डब्ल्यूसीएल को मिले कोयला मंत्री अवॉर्ड बिलासपुर (media saheb.com) केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने बृहस्पतिवार…

